कहा कि लोकतंत्र में वोट और मतदाताओं की सुरक्षा, दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, आयोग का यह कर्तव्य है कि वह आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत अपने संवैधानिक जनादेश और प्राधिकरणों / समितियों (समितियों) को पूरा करे। ताकि महामारी के दौरान भी चुनावों कराने के लिए कानूनी और संस्थागत ढांचे के अनुसार समर्थन दिया जा सके।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए रोड शो, साइकिल रैली और पदयात्रा पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही आयोग ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि वो ज्यादा से ज्यादा डिजिटल व वर्चुअल साधनों का ही प्रयोग करें। डोर टू डोर अभियान में अधिकतम पांच लोग ही शामिल हो सकेंगे। चंद्रा ने कहा कि यूपी विधानसभा का कार्यकाल कुछ ही महीने में पूरा हो रहा है।
कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए चुनाव की प्रक्रिया पूरी करवाना एक चुनौती है। ऐसे में हमने सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए चुनाव कराने का निर्णय लिया है। प्रदेश में 403 सीटों पर मतदान होगा। इस बार प्रदेश में करीब 15 करोड़ मतदाता हैं। इसके लिए 5 जनवरी को मतदाता सूची प्रकाशित की जा चुकी है।
चुनाव आयोग का कहना है कि यदि किसी मतदाता के शरीर का तापमान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्धारित मानदंडों से अधिक है, तो उसको एक टोकन दिया जाएगा। साथ ही उससे मतदान के अंतिम घंटे में आने के लिए कहा जाएगा।