- अंधेरा होने के बावजूद सेक्टर-26 निवासी कारोबारी ने दोनों से टैंक की सफाई करने को कहा
- थाने पर चार घंटे तक हंगामे के बाद दोनों पक्ष में हुआ समझौता
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के पॉश सेक्टर-26 निवासी कारोबारी घर में सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे दो कर्मियों की दम घुटने से मौत हो गई। शुक्रवार देर रात हुए हादसे में जान गंवाने वाले सफाईकर्मियों की शिनाख्त मूलरूप से पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी नीनू मंडल (36) और तपन मंडल (40) उर्फ कोकन मंडल के रूप में हुई है। रिश्ते में जीजा और साले लगने वाले दोनों सफाईकर्मियों की मौत की खबर मिलते ही परिजन और पड़ोसी सेक्टर-20 कोतवाली पहुंच गए। शनिवार सुबह परिजनों ने कोतवाली में हंगामा किया। हालांकि बाद में दोनों पक्ष में समझौता हो गया।
नीनू और तपन मंडल सेक्टर-9 स्थित झुग्गी झोपड़ी में परिवार के साथ रहते थे। दोनों सीवर की साफ सफाई समेत अन्य काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। सेक्टर-26 के ए ब्लॉक निवासी कारोबारी सुमित चावला ने शुक्रवार शाम 7 बजे दोनों को घर में सीवेज के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए बुलाया। सफाई के दौरान जहरीली गैस के रिसाव के कारण दोनों मजदूर बेहोश हो गए। रात करीब साढ़े दस बजे सुमित ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजकर कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। अस्पताल ले जाते समय दोनों ने दम तोड़ दिया। देर रात घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और पड़ोसी कोतवाली सेक्टर-20 पर पहुंच गए। पूरी रात दोनों मजदूरों के बारे में जानकारी लेने का प्रयास करते रहे।
सुबह परिजन और पड़ोसी एक बार फिर थाने पहुंचे गए। हंगामा कर रहे लोगों का आरोप था कि मौके पर पर्याप्त रोशनी के बिना मकान मालिक ने दोनों को काम करने को कहा। करीब चार घंटे तक परिजन और पड़ोसी कोतवाली में डटे रहे। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर वापस भेजा। शनिवार दोपहर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। शनिवार को दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस के मुताबिक सुमित चावला ने दोनों से पहले भी सेप्टिक टैंक की सफाई कराई थी।
मकान मालिक ने आरडब्ल्यूए के दिशानिर्देशों का नहीं किया पालन
सेक्टर-26 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने बताया कि आरडब्ल्यूए के दिशानिर्देशों के अनुसार निवासियों को सूर्यास्त के बाद घरों में निर्माण या सफाई कार्य नहीं कराने की सलाह दी जाती है। सेक्टर की सुरक्षा समिति इसकी अनुमति नहीं देती। इसके बावजूद सुमित ने सूर्यास्त के बाद सफाई कर्मियों को बुलाया।
परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट
शुक्रवार रात करीब 12 बजे नीनू की पत्नी लिली मंडल को घटना की जानकारी मिली। सेक्टर- 21 में घरेलू सहायिका का काम करने वाली लिली ने बताया कि सुमित ने जब उनके पति को कॉल कर बुलाया तो अंधेरा होने की बात कहकर नीनू को जाने से रोका था। नीनू को बुखार था। वह यह कहते हुए घर से निकल गए कि अगर काम नहीं करेंगे तो खाएंगे क्या। उनके तीन नाबालिग बच्चे हैं। वहीं तपन के परिवार में माता-पिता, पत्नी और चार बच्चे हैं। नीनू और तपन दोनों ही गटर और सीवेज सफाई का काम करते थे। दोनों के बच्चों ने कहा कि परिवार के मुख्य कमाने वाले को खो दिया है। ऐसे में उनके सामने रोजी और रोटी का संकट पैदा हो गया है।
आठ-आठ लाख मुआवजे पर हुआ समझौता
नीनू की पत्नी ने बताया कि सुमित ने दोनों परिवारों को आठ-आठ लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा देने का वादा किया है। तीन दिन के अंदर उनके परिवार को राशि नहीं मिली तो वह मामले की शिकायत पुलिस से करेंगी। वहीं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उन्हें परिजनों और सुमित चावला के बीच किए गए मुआवजे के वादों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। अगर शिकायत मिलती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले को लेकर मकान मालिक सुमित चावला से जब बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इस मामले में किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
कोट
सेक्टर-26 निवासी कारोबारी के घर में सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे दो कर्मियों की मौत हो गई। दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया है। पुलिस को लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। - विद्या सागर मिश्रा, डीसीपी नोएडा जोन।