प्रधान व सचिव अपलोड करेंगे प्रमाणित बाउचर तब होगा भुगतान
ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने नई व्यवस्था शुरू की
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। अब ग्राम प्रधान और सचिव को पहले बाउचर और मास्टर रोल प्रमाणित करके पंचायत पोेर्टल पर अपलोड करने होगा। बाउचर की सत्यता जांचने के बाद ही ग्राम निधि के खाते से भुगतान होगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो उसका भुगतान नहीं किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शासन ने नई व्यवस्था शुरू की है।
कई ग्राम प्रधान व सचिव साठगांठ कर सड़क, नाली निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों व कार्यक्रमों के भुगतान में उपयोग स्वयं से कंप्यूटर पर तैयार किए गए बिल-बाउचर का उपयोग कर देते थे। उनको किसी से प्रमाणित नहीं किया जाता था। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की थी। बिल-बाउचरों की आड़ में फर्जीवाड़ा होने की आशंका जताई थी। कई ग्राम पंचायतों में फर्जी बिल बाउचर अपलोड कर ग्राम निधि की धनराशि को बंदरबाट करने के मामले भी सामने आए थे।
जिला पंचायती राज अधिकारी कुंवर सिंह यादव ने बताया कि पंचायतों में नई व्यवस्था लागू की गई है। अब ग्राम प्रधान व सचिव को मूल बाउचर व मास्टर रोल प्रमाणित करते हुए दी गई आइडी पर अपलोड करना होगा। जांच के बाद ग्राम निधि के खाते से भुगतान हो सकेगा। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो ग्राम सभा की निधि से कोई भुगतान नहीं किया जा सकेगा।