ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के ही गांव में रहने वाला एक चालक ईको चलाकर गुजारा करता है। ईको में वह बच्चों को स्कूल लाने ले जाने के अलावा बाकी समय में अन्य सामान भी लाने का काम करता है। शनिवार सुबह सीआरपीएफ कैंप के पास कच्ची सड़क पर यातायात पुलिसकर्मियों ने ईको कार चालकक को रोक लिया।
आरोप है कि जांच पड़ताल करने के बाद पुलिसकर्मियों ने दो हजार रुपये का चालान करने का डर दिखाया। इसके बाद चालान से बचने के लिए पांच सौ रुपये नकद देने के लिए कहा। चालक ने नकद न होने और ई-वॉलेट से भुगतान करने के लिए कहा तो पुलिसकर्मियों ने एक जूस विक्रेता के पास भेज दिया।
चालक ने बातचीत करने के बाद पांच सौ रुपये का ई-वॉलेट से जूस विक्रेता को भुगतान कर दिया। ये पूरी घटना मोबाइल के कैमरे में कैद कर ली गई। जूस विक्रेता का कहना था कि उसके खाते में इसी तरह रुपये पुलिसकर्मी स्थानांतरित कराते हैं और शाम को कुछ पैसे देकर रुपये वापस ले लेते हैं।
आठ सौ रुपये आए हैं अब तक, होगी खाते की जांच
वायरल वीडियो में जूस विक्रेता के खाते में ऑनलाइन रुपये भेजने के बाद ईको वैन चालक उससे पूछताछ करता है। वह पांच सौ से कम रुपये कराने की बात करता है। तब विक्रेता कहता है कि कुछ रुपये उसे मिलेंगे बाकी पुलिसकर्मी उससे ले लेंगे। चालक कहता है कि अब तक कितने रुपये खाते में आ गए, तब विक्रेता कहता है कि केवल आठ सौ आए हैं। इस मामले में अब जूस विक्रेता के खाते की जांच के अलावा उसके नंबर पर रुपये भेजने वालों से भी पूछताछ की जाएगी।