नूंह। नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ छेड़छाड़ करने के तीन साल पुराने एक मामले में एडिशनल सेशन जज संजय कुमार शर्मा ने दो व्यक्तियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें 7-7 साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों के खिलाफ एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जानकारी के अनुसार जिले के एक क्षेत्र में रहने वाली 13 वर्षीय बालिका अपने घर के नजदीक घरेलू सामान लेने के लिए गई थी। उसी समय वहां एक वैगनआर कार आकर रुकी। जिसमें दो लड़के सवार थे। दोनों लड़कों ने गाड़ी रोककर पीड़ित नाबालिग का मुंह बंद करके गाड़ी में डाल लिया और दूसरी सड़क पर ले गए। लड़की ने जब शोर मचाया तो उसका भाई अपने चचेरे भाई के साथ बाइक पर लड़की को बचाने के लिए कार का पीछा करने लगा। कुछ दूर जाकर उन्होंने जबरन कार को रुकवा लिया। जिसमें से उन्होंने दो आरोपितों को गाड़ी से बाहर निकाला। नाम पूछने पर उन्होंने अपना नाम शेर मोहम्मद तथा मुस्ताक बताया। पीड़ित लड़की को भाइयों ने उसे आरोपितों के चंगुल से छुड़ाया तथा आरोपितों को पुलिस के हवाले कर दिया। फिरोजपुर झिरका थाना पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अतिरिक्त सेशन जज संजय कुमार शर्मा की अदालत में चले केस में सबूतों व गवाह पेश किए गए। जिनके आधार पर दोनों आरोपितों को अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया। मंगलवार को दोनों के खिलाफ सख्त सजा सुनाई गई।
नाबालिग से बलात्कार के प्रयास में दोषी को तीन साल की सजा
तीन साल पहले नाबालिग किशोरी को घर में दबोचकर बलात्कार के प्रयास के एक मामले में मंगलवार को नूंह की अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए तीन साल कैद तथा 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना ना देने की सूरत में दोषी को एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया। पुन्हाना थाना अंतर्गत 21 मार्च 2019 को शाम के करीब 5:30 बजे शिकायतकर्ता महिला दूध लेने गई थी। उसकी नाबालिग 13 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। आरोप है कि दोषी ने अकेली किशोरी को दबोच लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। नाबालिग के कपड़े भी फट गए। इसी दौरान किशोरी की मां आ गई। जिसे देखकर आरोपी वहां से भाग गया। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि आरोपी की मां भी मौके पर आ गई थी और उसने माफी भी मांगी थी। आरोपी ने अपहरण करने की धमकी देते हुए पुलिस में शिकायत न करने का दबाव बनाया। इस दौरान पंचायत स्तर पर भी मामले को निपटाने का प्रयास किया गया। आरोपी की धमकी के बाद पीड़ित किशोरी की माता ने पुलिस में शिकायत दी। जिस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई। अदालत की कार्रवाई मंगलवार को उस समय पूरी हुई जब एक आरोपी इम्तियाज पुत्र समसुद्दीन को तीन साल के सश्रम कारावास तथा 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।