नोएडा (मनोज कुमार)। ट्विन टावर ध्वस्त करने की तैयारी तेज करने के लिए एडिफिस कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका से दो और इंजीनियरों को बुलाया है। दोनों बृहस्पतिवार को साइट पर पहुंचेंगे। साथ ही एमराल्ड कोर्ट एवं ट्विन टावर के लिंटर को काटने के लिए दिशानिर्देश देंगे। वहीं, पास स्थित एमराल्ड कोर्ट और एटीएस सोसाइटी की सुरक्षा और प्रदूषण रोकने के लिए ट्विन टावर के चारों ओर जाल लगाया जाएगा।
एडिफिस कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि ट्विन टावर और एमराल्ड कोर्ट का लिंटर एक ही है। साइट पर तैनात टीम टावर के अंदर बनाए गए फ्लैट की बाहरी और अंदर की दीवारों को तोड़ने में जुटी है। इसके साथ ही वहां से निकलने वाले सामान को भी बाहर निकालकर दूसरे स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। दक्षिण अफ्रीकी इंजीनियर केविन और पैटरसन टावर में विस्फोटक लगाने के लिए निशान बना रहे हैं।
अब काम में तेजी लाने के लिए दो और विशेषज्ञ इंजीनियरों को बुलाया गया है। यह दोनों बृहस्पतिवार को ट्विन टावर पर पहुुंचेंगे और तैनात इंजीनियरों और प्रोजेक्ट मैनेजर से प्रगति रिपोर्ट लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि ट्विन टावर को गिराने से पहले लिंटर को अलग करना जरूरी है। इसके बाद एमराल्ड कोर्ट की ओर लिंटर के नीचे बेसमेंट में मिट्टी भरने का काम किया जाएगा। एडिफिस कंपनी ने दक्षिण अफ्रीकी कंपनी का सहयोग लेते हुए 10 इंजीनियरों को हायर किया है।
जानकारी के मुताबिक केविन और पैटरसन ने 32वीं मंजिल से बारूद लगाने के लिए होल करने शुरू कर दिए हैं। विस्फोटक को फिट करने के लिए पिलर और बीम की कटिंग की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि एमराल्ड कोर्ट और एटीएस सोसाइटी की सबसे ऊपरी मंजिल से नीचे की ओर जाल लगाया जाएगा। इससे आसपास की सोसाइटी में कोई पत्थर नहीं गिरेगा।
टावर देखने के लिए आ रहे लोग
गौतमबुद्ध नगर में पहली बार विस्फोटक लगाकर किसी टावर को गिराया जाएगा। लोग अभी से ट्विन टावर को देखने के लिए आने लगे हैं। बुधवार को ग्रेटर नोएडा से एक परिवार ट्विन टावर देखने पहुुंचा। परिवार के सदस्यों ने वहां टावर के साथ सेल्फी ली और वीडियो भी बनाया। दादरी के जारचा गांव से सुरेंद्र और बढ़पुरा से अजीत ट्विन टावर देखने के लिए आए। सुरेंद्र ने बताया कि वह टावर गिराए जाने वाले दिन भी यहां आएंगे।