तावडू। क्षेत्र में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शहर में तीन दिन के भीतर डेंगू की चपेट में आने से दो मरीजों की मौत हो चुकी है। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
वार्ड 11 निवासी 38 वर्षीय पूनम डेंगू की चपेट में आने से 5 नवंबर को जिंदगी की जंग हार गईं। जबकि वार्ड 12 निवासी 19 वर्षीय हर्ष गर्ग उर्फ गुल्लू ने गुड़गांव के आर्टेमिस अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के पिता नरेश गर्ग ने बताया कि तीन दिन पहले बुखार के चलते हर्ष की जांच कराई तो डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद प्लेटलेट्स घटने के दौरान दो बार अलग-अलग लेबोरेटरी में भी डेंगू की पुष्टि हुई। शनिवार को उन्होंने बेटे को गुरुग्राम के आर्टेमिस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग में नहीं हैं कर्मचारी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तावडू स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है। पीएचसी तावडू पर शहर और 26 गांव की करीब दो लाख आबादी पर केवल दो मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर हैं। डेंगू, मलेरिया के मरीजों की जिम्मेदारी भी इन्हीं के कंधों पर है।
डेंगू से मौत के बाद हरकत में प्रशासन
डेंगू से हुई मौतों के बाद से स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। मंगलवार को जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. विमलेश तिवारी ने नगर पालिका कार्यालय सहित तावडू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों से डेंगू को लेकर की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन योजनाबद्ध तरीके से फागिंग कराने और इसकी रिपोर्ट उन्हें देने का निर्देश दिया। कर्मचारियों की कमी को देखते हुए तावडू में विशेष तौर पर एक हेल्थ इंस्पेक्टर की नियुक्ति की है। अभी जिले में कुल 391 डेंगू के मामलों की पुष्टि हुई है।