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ग्रेटर नोएडा: धोखाधड़ी से परेशान होकर डॉक्टर ने पत्नी के साथ की आत्महत्या, 13 पेज के सुसाइड नोट में आरोपियों के हैं नाम, केस दर्ज

Thu, 23 Dec 2021 03:00 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

पड़ोसी महिला विला में पहुंची तो दंपती बेसुध मिले। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना मिलने पर आसपास के लोग भी आ गए।
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इसी सोसाइटी में की आत्महत्या। संवाद - फोटो : Grnoida
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा के पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्टे सोसाइटी में किराये के विला में रह रहे डॉक्टर ने पत्नी के साथ जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार रात दोनों के शव घर में मिले। मौके से 13 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें डॉक्टर ने मकान बेचने में धोखाधड़ी के कारण आत्महत्या करने की बात लिखी है। पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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पुलिस के अनुसार, डॉ. सतेंद्र सिंह निझावन पत्नी जसवंत कौर और बेटे तरनप्रीत सिंह के साथ सोसाइटी में रहते थे। मूलरूप से कीर्ति नगर, दिल्ली निवासी डॉ. सतेंद्र ने अगस्त में ही किराये पर विला लिया था। उन्होंने कुछ समय पहले ही कीर्ति नगर में मकान बेचा था।

बेटा तरनप्रीत सिंह शिमला घर गया हुआ था। वहां से बेटे ने माता-पिता के पास फोन किया था, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस पर बेटे ने पड़ोसी के पास फोन किया। पड़ोसी महिला विला में पहुंची तो दंपती बेसुध मिले। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना मिलने पर आसपास के लोग भी आ गए। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
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पूरे पैसे दिए बिना मकान नाम कराने का आरोप
13 पेज के सुसाइड नोट में सतेंद्र ने लिखा है कि दिल्ली में मकान को शर्तों के साथ बेचा गया था, लेकिन खरीदारों ने इनका पालन नहीं किया। पूरा पैसा नहीं दिया और मकान भी अपने नाम करा लिया। बैंक से ऋण लेेने के कारण वहां से भी दबाव बनाया जा रहा था। आरोपियों ने जबरन मकान की सेल डीड पर हस्ताक्षर भी करा लिए थे। इस कारण पूरी धनराशि मिले बिना ही कीर्ति नगर में मकान से कब्जा छोड़ना पड़ा। मकान बेचने में मिले धोखे से आहत होकर पत्नी सहित आत्महत्या कर रहे हैं।

बेटे के डॉक्टर बनने के बाद खुश थे दंपती
बेटे के डॉक्टर बनने से दंपती खुश थे। बेटे का क्लीनिक भी है, जबकि डॉ. सतेंद्र का क्लीनिक नहीं था। वे किसी अस्पताल में भी नहीं बैठते थे। हालांकि, वे क्लीनिक खोलने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन धोखा मिलने से दंपती टूट गए और आत्महत्या कर ली। वहीं, मकान बेचने से मिले धोखे की जानकारी बेटे को नहीं थी। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि परिवार अगस्त में रहने आया था। इतना मेलमिलाप नहीं हुआ था, लेकिन उनका व्यवहार अच्छा था।

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