सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट परिसर में ट्विन टावर के 10 अप्रैल को होने वाले टेस्ट ब्लास्ट के बाद इसे पूरी तरह से गिराने का खाका एक सप्ताह में तैयार किया जाएगा। एपेक्स टावर के पांच पिलरों में किए जाने वाले टेस्ट ब्लास्ट में पता चलेगा कि 22 मई को दोनों टावर गिराने के लिए कुल कितना विस्फोटक लगेगा।
दोनों टावरों एपेक्स और सियान को गिराने की तैयारी तेजी से चल रही है। ट्विन टावर गिराने की जिम्मेदारी मुंबई की कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग को मिली है। यह कंपनी दक्षिण अफ्रीकी सहयोगी जेट डिमोलिशन के साथ मिलकर टावरों को गिराने की योजना पर काम कर रही है। दोनों को गिराने के समय दूर से ऐसा लगेगा कि ऊंचाई से झरने से पानी गिर रहा है। मौके पर सिविल और ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। पुलिस के कुछ जवान एमराल्ड कोर्ट और एटीएस में भी मौजूद रहेंगे।
एडिफिस इंजीनियरिंग के उत्कर्ष मेहता ने बताया कि टेस्ट ब्लास्ट से पता चलेगा कि पिलरों में कितना विस्फोटक लगाने से यह पूरी तरह से गिर जाएंगे। बेसमेंट के चार पिलरों व 14वीं मंजिल के एक पिलर पर टेस्ट ब्लास्ट किया जाना है। प्रत्येक पिलर पर अलग-अलग विस्फोटक लगेगा। जैसे एक पिलर पर 200 ग्राम तो दूसरे पर 400 ग्राम विस्फोटक लगेगा। ब्लास्ट के बाद देखा जाएगा कि कौन सा पिलर पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। उसी मानक के आधार पर यह निष्कर्ष निकलेगा कि प्रत्येक पिलरों पर कितना विस्फोटक लगाया जाए कि इमारत सफलतापूर्वक गिर जाए।
पांच किलोग्राम विस्फोटक का होगा इस्तेमाल
टेस्ट ब्लास्ट में पांच किलोग्राम विस्फोटकों का इस्तेमाल होगा, जिसे पलवल से मंगाया गया है। इसे रविवार को ही लाया जाएगा। दोपहर करीब 2:30 बजे ब्लास्ट किया जाएगा। इससे पहले सायरन बजेगा। यह लोगों को सावधान करने के लिए होगा। एजेंसी के प्रतिनिधियों का कहना है कि इसका प्रभाव आसपास नहीं होगा। यह बेहद छोटा ब्लास्ट होगा और किसी को दिखेगा भी नहीं। संभव है कि दूर बैठे लोगों को पटाखे जैसी आवाज सुनाई पड़े।
दो सोसाइटियों के लोगों को एहतियात बरतने की दी सलाह
एजेंसी की ओर से सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट और एटीएस के निवासियों को एहतियातन घर में रहने की सलाह दी गई है। टेस्ट ब्लास्ट के दौरान उन्हें अपने घरों में रहने को कहा गया है, ताकि किसी तरह की असुरक्षा की बात न हो। इस बाबत निवासियों को पहले ही आगाह कर दिया गया है।
सामने की सड़क समेत कुछ अन्य सड़कें रह सकती हैं बंद
एजेंसी का कहना है कि टेस्ट ब्लास्ट के दौरान ट्विन टावर की सामने की सड़क को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस चाहे तो ट्रायल के तौर पर कोई अन्य सड़क भी बंद कर सकती है। इससे अंतिम ब्लास्ट के दौरान की परेशानियां समझ में आएंगी।