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Noida News: उच्च शिक्षण संस्थानों में तंबाकू नियंत्रण कानूनों का ठीक से नहीं हो रहा पालन

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-आइ्रपीयू के ओरल हेल्थ एंड तंबाकू आधारित मामलों पर कार्यक्रम में हुए सर्वे में खुलासा
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के अनुपालन में कोताही बरती जा रही है। दिल्ली के 60 उच्च शिक्षण संस्थानों में तंबाकू नियंत्रण स संबद्ध कानूनों के अनुपालन का प्रतिशत 45.8 फीसदी है। मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस, दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री की ओर से तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रमुख प्रावधानों को लेकर किए गए सर्वे में यह बात सामने आई है।

आईपी यूनिवर्सिटी के एनएसएस सेल द्वारा ओरल हेल्थ और तंबाकू आधारित मामलों पर आयोजित एक कार्यक्रम में इस सर्वे की रिपोर्ट को पेश किया गया। इस सर्वे टीम के प्रमुख प्रो. विक्रांत मोहंती ने बताया कि सर्वे में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन और नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री जैसे प्रावधानों को शामिल किया गया था। इस सर्वे रिपोर्ट से यह पता चलता है कि उच्च शिक्षण संस्थान तंबाकू नियंत्रण कानूनों के अनुपालन को ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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इस अवसर पर मौजूद आईपी यूनिवर्सिटी के कुलपति पद्मश्री प्रो. डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि मुख पूरे शरीर का आइना है। दांत, तालू, जीभ देखकर कई रोगों का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख की बीमारी से कई अन्य बीमारियां भी हो सकती है। मुख की बीमारियों को जन जागरूकता से रोका जा सकता है। बचपन से ही दांतों की देखभाल करने की आदत डालनी चाहिए। आईपी यूनिवर्सिटी के एनएसएस सेल के संयोजक प्रो. वरुण जोशी ने इस अवसर पर कहा कि अपनी दिनचर्या में तब्दीली लाकर हम जीवन शैली से जुड़ी कई बीमारियों से बच सकते हैं। इस अवसर पर मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस द्वारा लाए गए मोबाइल डेंटल वैन के माध्य से यूनिवर्सिटी के छात्रों, सफाई कर्मी एवं सुरक्षा कर्मियों के दांतों की जांच भी की गई।
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