पुन्हाना। उपमंडल के करीब 120 गांवों के किसानों ने जैसे-तैसे अपने खेतों में सरसों की बिजाई तो कर दी लेकिन सबसे बड़ी चिंता गेहूं की बिजाई की सता रही है। किसान दिवाली के बाद से गेहूं कि बिजाई शुरू कर देते हैं लेकिन अभी तक न तो खाद डीलरों के पास खाद है और न ही सरकारी पैक्स संस्थाओं के पास पर्याप्त खाद आया है। उपमंडल में करीब 30 हजार एकड़ जमीन में सरसों की बिजाई होती है जबकि करीब 50 हजार एकड़ में गेहूं बोया जाता है। वहीं, करीब 10 हजार एकड़ में सब्जी सहित अन्य फसलों की बिजाई की जाती है। अब तक पुन्हाना उपमंडल के किसानों को मात्र 22500 ही खाद के कट्टे आए हैं जिनमें से भी अधिकतर दूसरे जिलों और खंडों के किसान खरीद कर ले गए है। ऐसे में पुन्हाना के किसानों को सरसों की बिजाई के लिए भी पर्याप्त खाद न मिलने से काफी किसानों ने बिना खाद के ही सरसों की बिजाई करने में ही भलाई समझी। अकेले पुन्हाना उपमंडल के किसानों को करीब 80 से 90 हजार डीएपी खाद के कट्टों की जरूरत पड़ती है। जिनमें से केवल 22500 ही कट्टे मिल पाए है।
गांव लुहिंगाकला के किसान इरफान का कहना है कि डीएपी खाद ने मिलने की वजह से उन्होंने बिना खाद के ही सरसों की बिजाई करनी पड़ी अगर दाना उग आता है तो उसमें यूरिया खाद डालकर काम चला लेंगे। अगर सही दाना नहीं निकले तो मजबूर होकर उन खेतों में भी गेहूं की बिजाई करनी पडे़गी।
किसान मकसूद, जुबेर, इब्राहीम का कहना है कि गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी खाद का एक कट्टा एक एकड़ के लिए जरूरी है। अगर उन्हें गेहूं की बिजाई के लिए भी खाद नहीं मिला तो किसान पूरी तरह बरबाद हो जाएगा। उनका कहना है कि उनके इलाके में बिना खाद के पैदावार नहीं होती है इसलिए मजबूरी में उनको डीएपी और बाद में यूरिया खाद डालना पड़ता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पुन्हाना हल्का में जल्द से जल्द खाद के कट्टे भिजवाए जाएं जिससे वे अपनी गेहूं की फसल की बिजाई समय पर कर सकें।
अधिकारी बोले आ चुके हैं 22500 कट्टे
कृषि विभाग पुन्हाना के एसडीओ अभय राम ने बताया कि अब तक पुन्हाना में करीब 22500 डीएपी खाद के कट्टे आ चुके है। और करीब 300 एमटी खाद जिले के लिए डिमांड की गई है। उन्होंने माना की पुन्हाना के अलावा जिले के अन्य खंडों के किसानों को व खाद लेने से मना नहीं कर सकते इसलिए जो किसान अपनी फर्द और आधार कार्ड दिखाता है उसे खाद दी जाती है। उन्होंने कहा अन्य प्रदेशों के किसानों को खाद नहीं दी जाती है। उन्होंने बताया कि पुनहाना उपमंडल में करीब 25 हजार एकड़ में सरसों और 50 हजार एकड़ में गेहूं की बिजाई की जाती है। किसानों को खाद पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में बांटी जाती है जिससे किसी भी गड़बड़ी को रोका जा सके।