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बिना वीजा जिले में रह रहे चीन के तीन नागरिक गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा। अवैध रूप से ग्रेनो में रह रहे चीन के नागरिकों के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसटीएफ) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ ने मंगलवार को बिना वीजा के रह रहे चीन के तीन और नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
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एसटीएफ ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तारी के बाद रिमांड पर लिए चीन के नागरिकों से पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की है। तीनों नोएडा के सेक्टर-63 स्थित रवि नटवरलाल और जू फाई की फैक्टरी में काम करते थे। इसी फैक्टरी से एसटीएफ ने हाल ही में मोबाइल फोन में लगने वाली ढाई किलो प्रोसेसिंग चिप बरामद की थीं। एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि तीनों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। तीनों को एसटीएफ पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
इससे पहले नेपाल बार्डर पर 11 जून को जासूसी के शक में चीनी के नागरिक लू लैंग व यू हेलंग और चाइनीज क्लब की मैनेजर असम निवासी एलन समेत पांच आरोपियों को एसटीएफ ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। लू लैंग व यू हेलंग की निशानदेही पर एसटीएफ ने कुछ सामान व कागजात भी बरामद किया है।
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इन पर कसा शिकंजा
- रायन उर्फ रेन चाओ निवासी हेइलोंगजियांग। वीजा 31 अगस्त 2020 खत्म।
- जेंग हाओझे गुआंडोंज प्रांत। वीजा 8 मार्च 2020 को समाप्त।
- जेंगे डे गुआंडोंज प्राप्त। इसका वीजा बरामद नहीं हुआ।
जांच एजेंसी को लगा जॉनसन का सुराग
सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच में एसटीएफ के अलावा प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की जांच व खुफिया एजेंसियां जुटी हुई हैं। इनमें एक बड़ी एजेंसी के अधिकारियों को फरार आरोपी जॉनसन (रवि नटवरलाल और जू फाई का साझेदार) के संबंध में ठोस सुराग हाथ लगे हैं। ऐसे में जांच एजेंसी आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है और कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। फैक्टरी के जरिये होने वाले स्क्रैप के बड़े स्तर पर खरीद-फरोख्त के कारोबार और अवैध रूप से प्रोसेसिंग चिप आदि चीन भेजने के मामले में जॉनसन की बड़ी भूमिका बताई जा रही है। इन्हीं चिप से लाखों भारतीयों का डाटा चीन भेजने आशंका है। जॉनसन ने ही ग्रेटर नोएडा के घरबरा में संचालित हुए चाइनीज क्लब का अनुबंध एक नेता के बेटे से किया था।
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