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Noida News: नौ मौतों के जिम्मेदार फरार, पुलिस कर रही रिपोर्ट का इंतजार

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नौ मौतों के जिम्मेदार फरार, पुलिस कर रही रिपोर्ट का इंतजार
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- आम्रपाली की निर्माणाधीन साइट पर 15 सितंबर को लिफ्ट गिरने से हुआ था हादसा
- पांच आरोपी जेल भेजे, जीएम लवजीत की न्यायालय ने की जमानत याचिका खारिज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। आम्रपाली की ड्रीमवैली फेज-2 की निर्माणाधीन साइट पर लिफ्ट गिरने से नौ लोगों की मौत के मामले में अभी कई आरोपी फरार हैं। पुलिस अब तक केवल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज पाई है। जिम्मेदारों की जानकारी जुटाने के लिए लिखे गए पुलिस के पत्र का एनसीबी के अधिकारियों ने अभी जवाब नहीं दिया है और न ही जांच के लिए गठित प्रशासन की कमेटी ने रिपोर्ट दी है।
पुलिस का कहना है कि कमेटी की जांच रिपोर्ट आने पर इस मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, जिला न्यायालय ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम लवजीत कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। ग्रेनो वेस्ट टेकजोन-4 स्थित आम्रपाली ड्रीम वैली प्रोजेक्ट की साइट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनबीसीसी के अधिकारी निर्माण कार्य करा रहे थे। 15 सितंबर को बारिश के दौरान यहां लिफ्ट चला दी गई। तकनीकी खामी आने के कारण लिफ्ट 14 वीं मंजिल से गिर गई। हादसे में आठ मजदूर व एक लिफ्ट ऑपरेटर की मौत हो गई थी। हादसे का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था। पुलिस ने मामले में गिरधारी लाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम देवेंद्र सिंह उर्फ देवेंद्र शर्मा, जीएम व एडमिन काॅमर्शियल लवजीत कुमार, फोरमैन राहुल, फिनशिंग फोरमैन मनोज कुमार और सुपरवाइजर का काम देख रहे बोएलाल पासवान को गिरफ्तार किया था।
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पुलिस की जांच में सामने आई घोर लापरवाही
पुलिस की अब तक की जांच में आरोपियों की घोर लापरवाही का खुलासा हुआ था। लिफ्ट का दो साल से थर्ड पार्टी तकनीकी मुआयना नहीं किया गया था। तकनीकी खामी आने के कारण वह गरगराहट की आवाज कर रही थी। चार सितंबर को मजदूरों के शिकायत करने पर पांचवीं पास फोरमैन ने पीनियन गरारी स्वयं बदल दी। इसके बाद भी गरगराहट बंद नहीं हुई थी। इससे सेफ्टी डिवाइस ने काम नहीं किया और लिफ्ट 14 मंजिल से सीधे नीचे आकर गिर पड़ी। साइट पर मजदूरों की सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नहीं था और एंबुलेंस भी मौजूद नहीं थी।


कोट्सइसी सप्ताह कमेटी की बैठक होगी। इसमें शामिल सभी विभागों के सदस्यों से अब तक की जांच संबंधित रिपोर्ट की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- अतुल कुमार, एडीएम फाइनेंस

इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट आनी बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
सुनीति, डीसीपी सेंट्रल जोन
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