ग्रेटर नोएडा के कासना थाना पुलिस की हिरासत में अपहरण करने का आरोपी।
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ग्रेटर नोएडा। कासना थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात युवक को अगवा कर कार और 5 लाख लूट के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने एक साल पहले कई युवकों की सरकारी नौकरी लगवाने के लिए शिकायतकर्ता को 2.50 करोड़ रुपये दिए थे। नौकरी नहीं लगवाने और रुपये वापस नहीं करने के विवाद में आरोपी ने युवक को अगवा कर कार लूट ली। देर रात पीड़ित को नोएडा सेक्टर-24 में एलिवेटेड रोड पर छोड़ दिया था। पुलिस जांच में 5 लाख की लूट का आरोप निराधार पाया गया है, हालांकि तहरीर के आधार पर लूट और अपहरण का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अपहृत युवक, मोबाइल व लूटी गई कार के अलावा घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की है।
एडिशनल डीसीपी विशाल पांडे ने बताया कि बृहस्पतिवार रात लगभग 11:15 बजे जयपुर निवासी अमित गाजियाबाद के खोड़ा निवासी चालक कुंदन के साथ ब्रेजा कार से कासना थाना क्षेत्र से गुजर रहा था। सिरसा गोलचक्कर के पास वह लघुशंका के लिए रुके। तभी सफारी कार से मेरठ निवासी परविंदर तेवतिया भतीजे ऋषभ व अन्य साथियों के साथ पहुंचा। आरोपियों ने लाइसेंसी पिस्तौल के बल पर अमित को अगवा किया और ब्रेजा कार लूटकर भाग गए। अमित ने इसकी सूचना पुलिस को दी। वहीं, रास्ते से गुजर रहे कुछ लोगों ने वारदात का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जांच में पता चला कि करीब एक साल पहले परविंदर से अमित ने संपर्क कर कई लोगों की सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। परविंदर ने अपने कई परिचितों से लगभग ढाई करोड़ रुपये लेकर अमित को दिए थे। अब अमित न तो रुपये लौटा रहा था और न ही किसी को नौकरी लगवा पा रहा था। कासना प्रभारी ने बताया कि नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में परविंदर की बेटी ने अमित के खिलाफ पहले से ही मेरठ में कंकरखेड़ा थाने में केस दर्ज कराया है।
जीपीएस लगाकर किया अमित को तलाश
पुलिस के मुताबिक, परविंदर ने कुछ दिन पहले अमित की कार में बिना बताए जीपीएस लगा दिया था। जीपीएस की मदद से उसकी लोकेशन पता लगाकर आरोपी ने उसे रुपये वसूलने के लिए अगवा किया था।
सूचना मिलने पर तुरंत केस दर्ज कर कार्रवाई की गई। अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया गया। लूटी गई कार व घटना में प्रयोग की गई पिस्टल भी बरामद कर ली गई। पांच लाख लूट का आरोप निराधार है। - विशाल पांडे, एडिशनल डीसीपी