ग्रेटर नोएडा। यमुना विकास प्राधिकरण राया में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर हेरिटेज सिटी विकसित करेगा। करीब 700 हेक्टेयर में इसे बनाया जाएगा। फिलहाल, इसकी डिटेल्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) अंतिम रूप ले रही है। जल्द ही इसे बोर्ड के सामने रखा जाएगा। इस सिटी से आसपास के दर्शनीय स्थलों को जोड़ा जाना है।
योजना पर काफी दिनों से काम चल रहा है। डीपीआर को तैयार करने के लिए एक कंसलटेंट की नियुक्ति भी की गई है। कंसलटेंट के साथ पिछले दिनों बैठक में डीपीआर को अंतिम देने के लिए निर्देश दिए गए थे। यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह का कहना है कि हेरिटेज सिटी के लिए लैंड पूलिंग के माध्यम से जमीन लेने की योजना है। इसमें 25 प्रतिशत विकसित जमीन किसान को वापस की जाएगी। किसान चाहे तो इसे किसी अन्य बिल्डर या डेवलपर को बेच सकता है। इससे उसे फायदा होगा। अगर किसी अन्य को नहीं बेच पा रहा है तो यीडा उसे अपने दर पर खरीद लेगी। इससे उसे काफी फायदा होगा। अगर किसान इस पॉलिसी के तहत जमीन देते हैं तो इससे उन्हें काफी लाभ होगा।
यीडा खुद बनाएगा एक्सप्रेसवे
हेरिटेज सिटी को मथुरा-वृंदावन के मंदिरों से जोड़ने के लिए 6.5 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे बनाने की भी योजना है। इसे यमुना प्राधिकरण बनाएगा। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के आसपास 500-500 मीटर में संस्थागत और वाणिज्यिक निर्माण भी कराया जाएगा। एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी के साथ पार्किंग भी बनेगी, ताकि श्रद्धालुओं को मंदिरों तक जाने में आसानी हो। इसके लिए योजना तैयार की गई है। इसमें भी किसानों से ली गई लैंड पूलिंग के तहत जमीन का कुछ हिस्सा मिलेगा। किसानों को ट्रांसफर चार्ज और स्टांप ड्यूटी में भी छूट मिलेगी। एक्सप्रेसवे का पूरा खर्च टोल से निकाला जाएगा।
लैंड पूलिंग नीति सफल नहीं रही तो होगा अधिग्रहण
सीईओ का कहना है कि पहले लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन लेने की कोशिश की जाएगी। अगर इस पर किसान तैयार नहीं होते हैं तो जमीन का अधिग्रहण करना होगा। इसके लिए पैसे भी जुटाने होंगे। इसमें थोड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।
भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी गतिविधियां दिखेंगी
हेरिटेज सिटी के विकास में गांवों को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि वहां भगवान श्रीकृष्ण और उनसे जुड़ी गतिविधियां प्रदर्शित की जा सकें। इसी तरह से कथा वाचनालय सहित रीवर फ्रंट डेवलपमेंट, कनेक्टिविटी और अन्य सुविधाएं भी विकसित होंगी। पूरे राया अर्बन सेंटर को इस तरह से विकसित किया जाएगा कि यह एक टूरिस्ट प्लेस की तरह से विकसित हो जाए। इसके लिए पूरे भारत के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया गया है।
ऐसे मिलेगी मंजूरी
डीपीआर तैयार करने के बाद यीडा इसे अपने बोर्ड के सामने रखेगा। इसके बाद शासन से मंजूरी मिलने के बाद बिड डाली जाएगी। इसमें करीब 60 दिन लगेगा। फिर जिस एजेंसी को यह काम मिलेगा, उसे तीन वर्ष में काम पूरा करना होगा। संभावना है कि इसी वित्तीय वर्ष के सितंबर में काम शुरू हो जाएगा।
एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट के लिए होगा सर्वे
सीईओ का कहना है कि वर्तमान योजना में हेरिटेज सिटी से मथुरा-वृंदावन के मंदिरों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित एक्सप्रेसवे निर्माण में कुछ पुरानी सड़कों का भी इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन बैठक में निर्देश दिया गया है कि यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड होगा यानी किसी पुरानी सड़क या स्ट्रक्चर पर इसे तैयार नहीं किया जाएगा। लिहाजा, इसके अलाइनमेंट के लिए जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम बेस्ड सर्वे कराया जाए। इसके बाद रूट तैयार कराया जाएगा। दो-तीन दिन में ब्रज विकास परिषद की बैठक भी है। इसमें भी बातचीत होगी।
तीन चरणों में बनेगी
पीपीपी मॉडल के अलावा हेरिटेज सिटी में हाइब्रिड मॉडल का भी समावेश होगा। इसे तीन फेज में बनाया जाएगा। फिल्म सिटी के निर्माण के लिए जिस प्रकार के रेवेन्यू शेयर की योजना है। उसी प्रकार से इसका भी काम होगा।