-डीयू कुलपति ने पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में कंप्यूटर प्रयोगशाला का उद्घाटन किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जब तक संस्थान को सहयोग देने की अवधारणा प्रैक्टिकल नहीं होगी, तब तक लोग आगे नहीं आएंगे। लोग सोचते हैं कि सार्वजनिक संस्थाओं में सभी काम सरकार का है, लेकिन अपने पूर्व विद्यार्थियों और समाज का सक्रिय सहयोग संस्थाओं को और अधिक विस्तार देता है। इसलिए यह कार्य बहुत ही सराहनीय है। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने यह बातें प्रयोगशाला के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि जन सहयोग से प्रयोगशालाओं का निर्माण और संसाधनों को जुटाना अच्छी बात है।
कुलपति ने सोमवार को आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। डीयू के पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा जन सहयोग से इस कंप्यूटर प्रयोगशाला को तैयार किया है। इस अवसर पर कुलपति ने इस कंप्यूटर प्रयोगशाला में आर्थिक सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने बताया कि डीयू ने डीयू फाउंडेशन की स्थापना की है, जिसका काम फंड जुटाना है। इन कार्यों से जो प्रभाव बच्चों पर पड़ेगा उसे हम आज नहीं माप सकते। लेकिन यह परंपरा भविष्य में बहुत लाभकारी साबित होगी। इस कंप्यूटर प्रयोगशाला के लिए प्रो. पीबी मंगला, प्रो. आरके भट्ट, प्रो. केपी सिंह, डॉ. तरुणा जोशी, डॉ. अशोक कुमार एवं विभाग ने एल्युमनी ने सहयोग किया है। इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।