ग्रेटर नोएडा। जारचा के छौलस गांव में रविवार शाम को एक वांछित अपराधी को हिरासत में लेना पुलिस को भारी पड़ गया। पुलिस की हिरासत से युवक को परिजनों ने छुड़ाकर भगा दिया। वहीं, पुलिस के विरोध करने पर परिजनों ने दरोगा और सिपाही से अभद्रता कर दी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले को दबाने के लिए किसी तरह की कोई रिपोर्ट परिजनों के खिलाफ दर्ज नहीं कराई है। साथ ही, ऐसी किसी घटना से ही पुलिस ने इनकार कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि 12 वर्ष पहले गांव में राजबीर वाल्मीकि और दानिश में किसी बात पर विवाद में मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों से कई लोग घायल हुए थे। एक पक्ष ने एससी/एसटी और दूसरे ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों पक्षों के मामले दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में जारचा निवासी चांद वांछित था। रविवार को जारचा पुलिस को सूचना मिली थी कि चांद घर पर है। ऐसे में दारोगा व सिपाही उसे गिरफ्तार करने पहुंच गए।
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, लेकिन परिवार की महिलाओं और पुरुषों ने दरोगा व सिपाही से अभद्रता कर आरोपी को छुड़ाकर भगा दिया। रात करीब साढ़े दस बजे बड़ी संख्या में पुलिस फिर आरोपी के घर पहुंची, लेकिन आरोपी और परिजन घर छोड़ चुके थे। पुलिस ने आरोपी के घर पर दबिश के दौरान तोड़फोड़ भी की।