ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के बेला कला गांव में पट्टों के आवंटन का घोटाला सामने आया है। यहां वर्ष 1956 में पट्टों का आवंटन किया गया था। जो नियमों के खिलाफ था। बताया गया है कि अपात्रों में कुछ लोग ऐसे भी है, जिनका जन्म आवंटन के समय हुआ भी नहीं था। इस समय यह मामला अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की कोर्ट में विचाराधीन है। माना जा रहा है कि जल्द ही एडीएम कोर्ट इस मामले में आदेश सुना सकती है।
बेला कला गांव की कुछ जमीन हरियाणा और कुछ गौतमबुद्घ नगर में आती है। वर्ष 1956 में करीब एक हजार बीघे के पट्टों का आवंटन किया गया। सरकारी जमीन पर भूमाफिया का कब्जा है। सरकारी दस्तावेज में फर्जी तरीके से पट्टों का आवंटन दर्ज करा दिया गया। यहां करीब 60 पट्टों का आवंटन अपात्रों को किया गया था। इनमें कुछ लोग अन्य जिले और राज्यों के थे। जबकि कुछ पट्टा धारकों को जन्म भी नहीं हुआ था। उनका जन्म वर्ष 1956 के बाद हुआ था।
वहीं करीब 15 वर्ष पहले जिला प्रशासन ने अपनी जमीन पर कानूनी तरीके से पट्टों का आवंटन कर दिया था। वर्ष 1956 के पट्टा धारक उसके खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने जांच का आदेश दिया। एडीएम वित्त एवं राजस्व ने इसकी जांच की। जांच में वर्ष 1956 में पट्टों का आवंटन फर्जी माना गया। जिसके बाद पट्टों का आवंटन निरस्त करने का वाद एडीएम की कोर्ट में चल रहा है। इस समय दोनों पक्ष की तरफ से बहस चल रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर फैसला आ जाएगा।
मामले में सरकार की तरफ से मजबूत पैरवी की जा रही है। यह गैर आबादी गांव है। वर्ष 1956 में पट्टों का आवंटन गलत किया गया था। जल्द ही मामले में फैसला आने की उम्मीद है।- चरणजीत नागर, जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व)
पुनर्ग्रहण के बाद किसानों के नाम पर दर्ज हो गई जमीन
ग्रेटर नोएडा। चिपियाना गांव में पुनर्ग्रहण के बाद जमीन फिर से किसानों के नाम पर दर्ज होने का मामला सामने आया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जमीन का पुनर्ग्रहण किया था, लेकिन अब वह जमीन प्राधिकरण के नाम पर नहीं है। शासन ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। गाजियाबाद नगर आयुक्त की तरफ से भी जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। जिस पर तहसील दादरी की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने चिपियाना बुजुर्ग गांव में वर्ष 2013 में 6 हेक्टेयर जमीन का पुनर्ग्रहण किया था। यह जमीन नगर विकास के लिए ली गई थी। पुनर्ग्रहण के बाद जमीन प्राधिकरण के नाम दर्ज हो गई थी, लेकिन इस समय 6 हेक्टेयर जमीन किसानों (काश्तकार) के नाम दर्ज है। किसी ने इसकी शिकायत शासन स्तर पर की। शासन के आदेश पर गाजियाबाद के नगर आयुक्त ने इसकी जांच का आदेश दिया है। जिसमें पूछा गया है कि यह कैसा हुआ है। बताया जा रहा है कि चिपियाना बुजुर्ग में भी भूमाफिया ने तहसील अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन का अपने नाम दर्ज करा ली थी। यहां पर अवैध कॉलोनी काटी जा रही है। अब प्रशासन की टीम जमीन किसानों के नाम दर्ज होने का पता लगा रही है। गांव के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे है। अगर किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो फिर संबंधित अफसरों पर भी कार्रवाई होगी।
चिपियाना बुजुर्ग गांव की फाइल मंगवाई गई है। फाइल का अध्ययन किया जा रहा है। जल्द ही मामले की जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। : आलोक गुप्ता, एसडीएम दादरी