नूंह। नूंह के नल्हड गांव में शरारती तत्वों द्वारा धार्मिक स्थल तोड़ने के मामले में बुधवार को एक पंचायत का आयोजन किया गया। नूंह के नल्हेश्वर मंदिर में दोनों समुदाय विशेष के लोगों ने बैठक कर मामले को सुलझा लिया। उन्होंनेे कहा कि इस घटना को बड़ा रूप देकर शरारती तत्वों के मकसद को पूरा नहीं किया जाएगा।
दोनों पक्षों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सावधान रहने का भी वादा किया। सांझा बैठक की अध्यक्षता नूंह के नल्हेश्वर मंदिर के अध्यक्ष सरदार जीएस मलिक ने की। जबकि बैठक में भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र प्रताप आर्य, जिलाध्यक्ष नरेंद्र पटेल, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष हरिओम पालिवाल, जिला महामंत्री जगदीश भाटी, कैलाश, आजाद पलड़ी, इलियास नंबरदार, शेरू पंच, मजीद पूर्व सरपंच व अत्तु सरपंच मौजूद रहे। इस मौके पर जीएस मलिक ने कहा कि मेवात के आपसी भाईचारे की मिसाल देशभर में दी जाती रही है। यहां सभी धर्मों व समुदायों के लोग आपसी सौहार्द के साथ रहते हैं। कुछ शरारती तत्वों की वजह से पूरे समुदाय व क्षेत्र को बदनाम होना पड़ता है। लेकिन इन सब घटनाओं के बावजूद भी यहां का आपसी सौहार्द खराब नहीं होने दिया जाएगा।
विहिप कराएगा धार्मिक स्थल का निर्माण
विहिप के जिला महामंत्री जगदीश भाटी ने बैठक में सभी के समक्ष कहा कि इस घटना की हम भर्त्सना करते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद इस घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ पुरजोर तरीके से खड़ा है। उन्होंने कहा कि चाहे किसी ने भी इस घटना को अंजाम दिया हो, लेकिन वे पूरे समाज की ओर से इसे गलत कृत्य मानते हुए इसका निर्माण फिर से कराने का वादा करते हैं। उन्होंने मुस्लिम समाज से शामिल लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनकी समझदारी के कारण ही इस घटना को बड़ा रूप नहीं दिया गया। वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बैठक में लिए गए निर्णय का स्वागत किया। बैठक के अंत में सभी ने गले मिलकर एक-दूसरे से गिले-शिकवे दूर किए।
फोटो ऱ् नल्हेश्वर मंदिर में पंचायत के दौरान दोनों समाज के लोग
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर सौंपा ज्ञापन
-जमीयत उलेमा-ए-हिंद हरियाणा अध्यक्ष मोलाना याहया करीमी ने कार्रवाई की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। धार्मिक स्थल तोड़ने के मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद की हरियाणा के अध्यक्ष मोलाना याहया करीमी ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
मोलाना याहया करीमी ने ज्ञापन पत्र में कहा है कि धार्मिक स्थल को तोड़ने से हिंदू-मुस्लिम की आपसी एकता और सद्भाव को तोड़ने का काम किया है। मेवात के बुद्धिमान लोगों ने हमेशा धैर्य और सहनशीलता दिखाई है और इसे नजरअंदाज किया है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मौलाना याहया करीमी ने ज्ञापन में विरोधी तत्वों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई किये जाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में मौलाना याहया करीमी के अलावा जमीयत उलमा-ए-हिंद सचिव मास्टर मुहम्मद कासिम, उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल रहमान, पुन्हाना के अध्यक्ष मौलाना मुनव्वर कासमी, मौलाना मुहम्मद मुबारक अली, मौलाना साबिर, मजाहिरी सहित जमीयत उलेमा-ए-मेवात के काफी कार्यकर्ताओं मौजूद रहे।
फोटो-डीसी को ज्ञापन सौंपतेजमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मोलाना याहया करीमी