ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे से वृंदावन स्थित श्रीकृष्ण बांके बिहारी मंदिर का सफर सात किमी का होगा जो पांच मिनट में तय कर लिया जाएगा। यमुना प्राधिकरण ने राया कट से पहले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। ये सात किमी लंबा, छह लेन और सौ मीटर चौड़ा होगा। कॉरिडोर के दोनों ओर हेरिटेज सिटी बसेगी। यमुना एक्सप्रेसवे से श्रद्धालु ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे से उतरकर पांच सौ मीटर की दूरी पैदल तय कर श्री बांके बिहारी मंदिर तक पहुंच जाएंगे। कॉरिडोर के पास में ही उन्हें पार्किंग की भी सुविधा मिलेगी।
मंगलवार को ब्रज तीर्थ परिषद की बोर्ड बैठक में यमुना प्राधिकरण की एसीईओ मोनिका रानी व ओएसडी शैलेंद्र भाटिया ने परियोजना की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत की। यमुना प्राधिकरण ने कोल्डवैल बैंकर्स रिचर्ड एलिस (सीबीआरई) साउथ एशिया प्रा. लि. से राया के पास हेरिटेज सिटी की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कराई थी। इसमें 16 किमी लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को तैयार करने की योजना थी। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर हेरिटेज सिटी विकसित की जानी थी, लेकिन बाद में ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने इसे पुराने वृंदावन के नजदीक बसाने का सुझाव दिया था। इसके बाद यमुना प्राधिकरण ने राया कट से पहले यमुना एक्सप्रेसवे से श्री बांके बिहारी मंदिर तक सात किमी लंबे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को बनाने की योजना तैयार कर इस पर काम शुरू कर दिया। इसे इंटरचेंज बनाकर सीधे यमुना एक्सप्रेसवे और ब्रज विकास परिषद द्वारा बनाए जा रहे पुल से जोड़ा जाएगा।
750 करोड़ होंगे खर्च, टोल फ्री होगा सफर
प्राधिकरण ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के दोनों ओर हेरिटेज सिटी बसाएगा। इसके दोनों ओर पर्यटन, वाणिज्यिक व संस्थागत भूखंड आवंटित किए जाएंगे। हेरिटेज सिटी को पीपीपी माडल पर बनाया जाएगा। एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, इस पर श्रद्धालुुओं से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। प्राधिकरण खर्च आदि की भरपाई हेेरिटेज सिटी में भूखंड आवंटन कर करेगा।
द्वापर युग और संस्कृति की झलक दिखेगी
कॉरिडोर के दोनों ओर पांच-पांच सौ मीटर जमीन अधिगृहीत की जाएगी। यहां एक म्यूजियम भी बनेगा जिसमें द्वापर काल के नंद गांव, बरसाना, गोकुल और रिवर फ्रंट आदि विकसित किए जाएंगे और वहां की संस्कृति को फिर से विकसित किया जाएगा। कॉरिडोर से गुजरने के दौरान श्रद्धालु पैदल और वाहनों से भी इसे देख सकेंगे। यहां कथा वाचनालय केंद्र बनेंगे। इसी कॉरिडोर से श्रद्धालुओं का वृंदावन पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं, पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी व बरसाने की होली आदि के मौके पर भीड़ और जाम का भी अधिक सामना नहीं करना होगा और मंदिर तक पहुंचने में आसानी होगी।
छह माह के भीतर तैयार कराएंगे डीपीआर
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि पहले यमुना एक्सप्रेसवे से श्री बांके बिहारी मंदिर तक 16 किमी एक्सप्रेसवे बनाने की योजना थी, लेकिन स्टडी में पाया गया कि वे मार्ग संकरा। इस कारण अब राया कट से पहले यमुना एक्सप्रेसवे से सात किमी लंबा नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना तैयार की गई है। इसमें 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। छह माह के भीतर परियोजना रिपोर्ट तैयार कराकर प्रस्ताव मंजूर कराकर प्री-बिड कराई जाएगी।