फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

2018 में भंग हुई एसओजी में था बर्खास्त हेड कांस्टेबल

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा। उगाही की सूची वायरल होने पर वर्ष 2018 में भंग हुई स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) में बर्खास्त हेड कांस्टेबल अमरीश यादव तैनात था। इसके बाद भी नोएडा की एसओजी टीम में भी उसे जगह मिल गई और उसने कारनामा ऐसा किया कि पूरे कमिश्नरेट को बदनाम कर दिया। सवाल उठ रहा है कि उसे कमिश्नरेट की एसओजी टीम में आखिरकार जगह कैसे मिल गई। एसओजी में दागी पुलिसकर्मियों की तैनाती पर पुलिस कमिश्नर भी गंभीर हैं और इस मामले की जानकारी जुटा रहे हैं।
विज्ञापन

उगाही की सूची वायरल होने के बाद तत्कालीन एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने पूरी एसओजी को भंग कर दिया था। साथ ही, इसमें तैनात सभी पुलिसकर्मियों को गैर जनपद ट्रांसफर कर दिया था। उस समय इस टीम में अमरीश था और उसका ट्रांसफर जीआरपी में हुआ था। जब नोएडा कमिश्नरेट बना और एसओजी का गठन हुआ तो दागी अमरीश की तैनाती हो गई। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर किस आधार पर उसी हेड कांस्टेबल को एसओजी में तैनाती मिली, जिसका एक बार तबादला हो गया था।
दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री का दामाद है अमरीश
अमरीश एक पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री का दामाद है और पिता भी पुलिस विभाग में रहे हैं। बताया जा रहा है कि अमरीश इंस्पेक्टर शावेज खान का चहेता था। अमरीश के गाजियाबाद व खोड़ा में कई ठिकाने हैं। पूर्व सरकार में भी इसका बोलबाला था।
विज्ञापन

एसओजी गठन पर उठ रहे सवाल
पुलिस कमिश्नरेट बनने के बाद बेहतर पुलिसिंग व पारदर्शिता के दावे किए गए थे, लेकिन एसओजी के भ्रष्टाचार के इस मामले के सामने आने के बाद सिस्टम पर भी सवाल उठने लगे हैं। कमिश्नरेट बनने के बाद अधिकारियों की फौज नोएडा में है। इसके बाद भी एसओजी टीम में दागदारों की तैनाती काफी कुछ बयां कर रही है। एसओजी का गठन संगठित से लेकर जघन्य अपराध पर अंकुश के लिए किया जाता है, लेकिन कमिश्नरेट की एसओजी कुछ और कर रही थी।
एसओजी के गठन के दौरान दागी छवि के पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर जानकारी ली जा रही है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को बता दिया गया है। वहीं, नई एसओजी की गठन पर नजर रहेगी।
विज्ञापन

- आलोक सिंह, पुलिस कमिश्नर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें