200 से अधिक लूट करने वाला बदमाश मुठभेड़ में घायल
- स्कूटी पर वारदात को देता था अंजान, तीन मोबाइल, तमंचा और कारतूस बरामद
- बदमाश के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग थानों में 26 केस दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। राहगीरों का मोबाइल और सोने की चेन लूटने के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बदमाश को गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार देर रात पुलिस की गोली से वह घायल हो गया था। बदमाश के पास से लूट के मोबाइल, तमंचा, कारतूस और स्कूटी समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं। घायल बदमाश की पहचान दिल्ली के न्यू अशोक नगर निवासी रिषभ दयाल सिंह के रूप में हुई है।
डीसीपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात फेज वन पुलिस की टीम सेक्टर-15ए के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान स्कूटी सवार उधर से गुजरा। संदिग्ध लगने पर जब पुलिस की टीम ने उसे रोका तो वह भागने लगा। पीछा करने पर बदमाश ने पुलिस की टीम पर फायर झोंक दिया। जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से बदमाश घायल हो गया। बदमाश रिषभ 200 से अधिक मोबाइल और चेन लूट की वारदात दिल्ली-एनसीआर में कर चुका है। चोरी के मोबाइल और चेन को वह बिहार के अलग-अलग बाजारों में कम दामों में बेचता है। चोरी और लूट का सामान खरीदने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है। बदमाश के खिलाफ दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के अलग-अलग थानों में 26 मुकदमें लूट और चोरी की धाराओं में दर्ज हैं। घायल बदमाश ने पूछताछ में बताया कि वह सुबह 7 से 11 और शाम 4 से 7 बजे के बीच लूट की वारदात करता है। सुबह और शाम को टहलने निकलने वाले लोग उसके निशाने पर रहते हैं। फैक्ट्रियों और कंपनियों में ड्यूटी पर जाने और छुट्टी के समय कर्मचारियों से मोबाइल और चेन लूट की वारदात दिल्ली-एनसीआर में कर चुका है। चोरी के मोबाइल और चेन को वह बिहार के अलग-अलग बाजारों में कम दामों में बेचता है।
हाल ही में बहने ने खरीदकर दी थी स्कूटी
जिस स्कूटी से रिषभ वारदात करता था उसे उसकी बहन ने कुछ महीने पहले खरीदकर दी थी। पहले वह चोरी की अपाचे बाइक से लूट की वारदात करता था। बरामद मोबाइल में से दो फोन उसने नोएडा और तीसरा गाजियाबाद में लूटा था।
नौकरी न मिलने पर की चोरी शुरू
सात साल से लूट और चोरी की वारदात कर रहा है। उसके गिरोह में शामिल कई अन्य लुटेरों की जानकारी मिली है। उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पूछताछ में रिषभ ने बताया कि बीच में उसने लूट करनी छोड़ दी थी। आपराधिक बैकग्राउंड होने के कारण जब उसे कहीं नौकरी नहीं मिली तो उसने फिर से लूट और चोरी की वारदात करनी शुरू कर दी।