ग्रेटर नोएडा के जेवर में निर्माणाधीन नोएडा एयरपोर्ट की निर्माता कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) ने किया टाटा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) कांट्रैक्टर के रूप में चुना है।
वाईआईएपीएल ने दो अन्य बड़ी कंपनियों पर तरजीह देते हुए टाटा का चयन किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे एयरपोर्ट के निर्माण कार्य को रफ्तार मिलेगी। कंपनी इसी माह एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू कर सकती है। फिलहाल एयरपोर्ट निर्माण के जमीन समतलीकरण और चहारदीवारी निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।
अहम है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का निर्माण कार्य 1351 हेक्टेयर किया जाना है। स्विजरलैंड की कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी इसके निर्माण कार्य को पूरा करेगी। स्विस कंपनी ने भारत में काम करने के लिए वाईआईएपीएल नाम से कंपनी बनाई है। जो एयरपोर्ट का निर्माण कार्य करा रही है।
वाईआईएपीएल एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग और रनवे बनाने के लिए बड़ी कंपनी तलाश रही थी। इसके लिए एलएंडटी, टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड और सोपोरजी पोलोनजी कंपनी को चुना था। इनके पास बड़ी परियोजनाओं के डिजाइन, खरीद और निर्माण का अनुभव है। इसमें से अब टाटा का चयन किया गया है। इससे पहले पूरी परियोजना की निगरानी के लिए इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी का चयन किया गया था। ये कंपनी एयरपोर्ट के हर रोज किए जाने वाले के काम की निगरानी करेगी और अपनी रिपोर्ट भी देगी।
टाटा को नए संसद भवन से लेकर कई शहरों में मेट्रो लाइन बिछाने का अनुभव
टाटा प्रोजेक्ट्स के पास बड़ी परियोजनाओं के निर्माण का लंबा अनुभव है। टाटा ने नई संसद भवन, मुंबई ट्रांस-हार्बर लिंक, फ्रेट कॉरिडोर के कई खंड और मुंबई, पुणे, दिल्ली, लखनऊ सहित विभिन्न शहरों में मेट्रो रेल लाइन निर्माण किया है। टाटा प्रोजेक्ट्स नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए टर्मिनल, रनवे, एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कों, यूटीलिटी, लैंडसाइड फैसिलिटी और अन्य सहायक भवनों का निर्माण करेगा।
30 सितंबर 2024 से पहले शुरू होगी उड़ान, देरी हुई तो 10 लाख रोजाना का जुर्माना
एयरपोर्ट में टर्मिनल वन बिल्डिंग 90 हजार वर्ग मीटर में बनेगी। विकासकर्ता कंपनी के साथ किए गए अनुबंध के मुताबिक सितंबर 30 सितंबर 2024 से पहले एयरपोर्ट से उड़ान शुरू हो जाएंगी। पिछले अक्तूबर में लखनऊ में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) और विकासकर्ता कंपनी के बीच 40 साल का अनुबंध हुआ था। इसके अंतर्गत 1 अक्तूबर 2021 से कंस्ट्रक्शन शुरू करना माना गया है और 1095 दिन के अंदर संचालन शुरू किया जाना है। यानी कागजों में निर्माण कार्य एक अक्तूबर से शुरू होना माना गया है। अगर निर्माण कार्य पूरा होने या उड़ान शुरू में होने में देरी होती है 10 लाख रुपये प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाया जाएगा।