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पुलिसकर्मियों के इशारे पर नहीं रोकी बाइक, चौकी ले जाकर पीटा

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आरोप लगाने वाला युवक। अमर उजाला - फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। बिना वर्दी कार में सवार पुलिसकर्मियों के इशारा करने पर शुक्रवार सुबह बाइक नहीं रोकना एक सुपरवाइजर को भारी पड़ गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने युवक को कार से पीछा कर पकड़ लिया और जुनपत पुलिस चौकी ले जाकर जमकर पीटा। पुलिसकर्मियों ने शिकायत करने पर जेल भेजने की धमकी देकर चार घंटे बाद युवक को छोड़ दिया। परिजनों ने घायल युवक का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद देर रात सूरजपुर कोतवाली ले जाकर प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग की। वहीं, पुलिस बाइक का चालान करने पर युवक पर मारपीट का झूठा आरोप लगाने की बात कह रही है।
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मूलरूप से बागपत के निबली गांव निवासी कुनीत धामा जू सेक्टर में रहते हैं और एक निजी कंपनी में सुपरवाइजर हैं। पुनीत सुबह लगभग 9:30 बजे बाइक पर घर से कंपनी जा रहे थे। जैसे ही वह जुनपत मेट्रो डिपो के पास पहुंचे तो पीछे से एक इको स्पोर्ट्स कार चला रहे व्यक्ति ने रुकने का इशारा किया। उन्होंने लूटपाट के डर से बाइक रोकने की जगह स्पीड बढ़ा दी। इस पर कार सवारों ने पीछा कर बाइक रुकवा ली। कार से दो बिना वर्दी और एक वर्दी में पुलिसकर्मी बाहर निकला। कुनीत ने कहा कि बिना वर्दी के पुलिसकर्मियों को पहचान नहीं पाया।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बाइक की चाबी निकाल ली और कार में बैैठाकर चौकी ले गए। यहां चार घंटे तक कुनीत को रखकर जमकर पीटा गया। बाद में घायल होने के बाद युवक को किसी अधिकारी से शिकायत नहीं करने की धमकी देकर छोड़ दिया गया।
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वीडियो बनाने के बाद छोड़ा
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि युवक को छोड़ने से पहले पुलिसकर्मियों ने उससे यह कहते हुए वीडियो बनाई कि वह तेज बाइक चला रहा था और नियमों का पालन नहीं कर रहा था। इस कारण पुलिस ने उसे पकड़ा है। इस बीच उसकी कंपनी से फोन आया तो यह कहलवाया गया कि बाइक में पंचर हो गया है।
शरीर मेें कई जगह चोट
पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से कुनीत के शरीर में कई जगह चोट आई है। उन्होंने इसकी शिकायत 112 पर की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वह सूरजपुर कोतवाली घायल पीड़ित को गोद में लेकर पहुंचे। कोतवाली में तैनात पुलिसकर्मियों ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया और शनिवार सुबह मिलने की बात कही। पीड़ितों का कहना है कि चौकी में सीसीटीवी लगा है। उन्होंने फुटेज तुरंत कब्जे में लेकर जांच की मांग की है। वहीं, देरी होने पर फुटेज नष्ट करने की आशंका जताई है।
डीसीपी बोले- आरोप निराधार, एसीपी को दी है जांच
सेंट्रल नोएडा के डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि मामले में शिकायत काफी देर से की गई है। पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप निराधार है। एमवी एक्ट के अंतर्गत तेज बाइक चलाने पर कार्रवाई की गई है। एसीपी को मामले की जांच दी गई है। सीसीटीवी फुटेज आदि की जांच की जाएगी।
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