शुक्रवार सुबह पंजाब पुलिस सेक्टर-16 की जेजे कॉलोनी में दबिश देकर दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर चली गई। दोनों संदिग्ध सेक्टर-10 के सी ब्लॉक स्थित एक कपड़े की फैक्ट्री में काम कर रहे थे। संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद नोएडा पुलिस के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। हालांकि, यूपी पुलिस की स्पेशल सेल को पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था।
पंजाब के मोहाली स्थित इंटेेलीजेंस हेडक्वार्टर में 9 मई को हुए आतंकी हमले के तार नोएडा से जुड़ते दिख रहे हैं। शुक्रवार सुबह पंजाब पुलिस सेक्टर-16 की जेजे कॉलोनी में दबिश देकर दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर चली गई।
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दोनों संदिग्ध सेक्टर-10 के सी ब्लॉक स्थित एक कपड़े की फैक्ट्री में काम कर रहे थे। संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद नोएडा पुलिस के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। हालांकि, यूपी पुलिस की स्पेशल सेल को पंजाब पुलिस की इस कार्रवाई के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए संदिग्धों की पहचान बिहार के अरनिया जिले के निवासी मोहम्मद सरफराज और मोहम्मद नसीम के रूप में हुई। सरफराज ने 3 अप्रैल को ही सेक्टर-10 स्थित कपड़े की कंपनी में नौकरी शुरू की थी। 2 मई को उसने नसीम को भी काम पर रखवाया था।
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पंजाब पुलिस ने मोहाली आतंकी हमले के छह आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा शुक्रवार को किया था। इसके बाद से ही सरफराज और नसीम की तलाश की जा रही थी। बताया जा रहा है कि दोनों ब्लास्ट करने वाले फरार युवकों के संपर्क में थे, जिनकी जानकारी शुक्रवार को गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से मिली कॉल डिटेल से मिली थी।
जेजे कॉलोनी में हड़कंप, पुलिस अलर्ट
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब पुलिस की स्पेशल सेल दोनों संदिग्धों को पकड़ने के लिए शुक्रवार रात को ही नोएडा के लिए रवाना हो गई थी। जिस जगह दोनों काम कर रहे थे वहां भी दबिश दी गई। इसके बाद सुबह करीब 5 बजे जेजे कॉलोनी से दोनों को उठा लिया गया। इसके बाद कॉलोनी से आतंकी कनेक्शन के आरोपियों के पकड़े जाने की खबर तेजी से फैल गई। वहीं, नोएडा पुलिस भी अलर्ट हो गई।
खुफिया एजेंसियां भी हरकत में आईं
पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। एलआईयू नोएडा में पकड़े गए संदिग्धों के आतंकी कनेक्शन की जानकारी जुटा रही है। नोएडा में इनके संपर्कों के जानकारी ली जा रही है। दोनों ही संदिग्ध आतंकी संगठनों के स्लीपर सेल के रूप में नोएडा में अपना ठिकाना तो नहीं बना रहे थे, इसकी भी जांच की जाएगी।