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सुपरटेक ट्विन टावर मामला: एसआईटी की जांच पूरी, अब लखनऊ से खुलेगा राज, प्राधिकरण के अधिकारियों की धड़कन तेज

Thu, 09 Sep 2021 09:15 PM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा

सार

अधिकारियों का कहना है कि अब लखनऊ से ही इस बात का राज खुलेगा कि ट्विन टावर मामले में आखिर किस-किस पर गाज गिरेगी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शासन ने एसआईटी का गठन किया था।
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सुपरटेक ट्विन टावर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के ट्विन टावर गिराने के मामले में पड़ताल कर विशेष जांच टीम (एसआईटी) गुरुवार को लखनऊ लौट गई। चार सदस्यीय टीम अब रिपोर्ट प्रदेश शासन को सौंपेगी। टीम ने जांच से संबंधित सभी तथ्य फिलहाल पूरी तरह गोपनीय रखे हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में एक आईएएस समेत कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। 

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वहीं, प्राधिकरण अधिकारियों की धड़कन भी तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि अब लखनऊ से ही इस बात का राज खुलेगा कि ट्विन टावर मामले में आखिर किस-किस पर गाज गिरेगी। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शासन ने एसआईटी का गठन किया था। टीम का अध्यक्ष अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के साथ-साथ प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल को नियुक्त किया गया था। इसके अलावा ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक राजीव सब्बरवाल और मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक अनूप कुमार श्रीवास्तव को सदस्य बनाया गया था। 

सुबह करीब साढे़ आठ बजे ही टीम के सदस्य एमराल्ड कोर्ट स्थित ट्विन टावर पहुंचे। इस दौरान प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, एसीईओ नेहा शर्मा और नियोजन विभाग के महाप्रबंधक इश्तियाक अहमद भी मौजूद रहे। टीम ने एमराल्ड कोर्ट के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजेश राणा को भी बुला लिया। इसके बाद टावरों के बीच की दूरी पर चर्चा हुई। टीम ने सोसाइटी का भी चक्कर लगाया। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राजेश राणा ने बताया की जांच टीम करीब 15 मिनट तक मौका मुआयना करने के बाद चली गई। निरीक्षण के दौरान टीम ने वीडियो रिकार्डिंग भी की।
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मुआयना करने के बाद संजीव मित्तल और अनूप कुमार श्रीवास्तव नोएडा प्राधिकरण पहुंचे। संजीव मित्तल ने रवाना होने से पूर्व अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्हें कुछ आवश्यक निर्देश दिए और फिर लखनऊ रवाना हो गए। वहीं अनूप कुमार श्रीवास्तव दोपहर बाद तक भी कई अन्य नक्शों और अन्य दस्तावेज कर अवलोकन कर लौट गए।

दर्ज हो सकता है आपराधिक मामला
एसआईटी जांच पूरी होने के साथ ही माना जा रहा है कि प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों और कुछ पूर्व अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया जा सकता है। शासन स्तर पर ही इसका निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो जांच टीम की रिपोर्ट में एक आईएएस अधिकारी के नाम को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा प्राधिकरण में ही पूर्व में तैनात रहे कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है।

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कई साल के दस्तावेज खंगाले
एसआईटी ने कई साल के दस्तावेज का अवलोकन किया है। बताया जा रहा है कि विशेष रूप से 2005 से लेकर 2012 तक के दस्तावेजों को खंगाला गया। ट्विन टावर के संशोधित प्लान से संबंधित फाइलों को भी जांचा गया। इन फाइलों में जो-जो अनियमितता मिली है उससे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचीबद्ध किया गया है। बताया जाता है कि इस सूची में दस से ज्यादा नाम शामिल हैं।

ट्विन टावर का ड्रोन से सर्वे कराने की तैयारी
ट्विन टावर का ड्रोन से सर्वे कराया जा सकता है। सूत्रों की माने तो सुप्रीम कोर्ट से हुई किरकिरी के बाद अब अधिकारी इस प्रकरण में कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है। इसलिए इसके प्रत्येक पहलु पर ध्यान दिया जा रहा है। एसआईटी के निरीक्षण करने के बाद ट्विन टावर का सर्वे कराने पर चर्चा हुई। ऐसा भी माना जा रहा है इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार सुबह सर्वे किया जा सकता है। इसमें देखा जाएगा कि नक्शे में जो बातें हैं वह वास्तव में इमारत बनाए जाने के दौरान प्रत्यक्ष रूप से लागू की गई हैं या नहीं। मसलन इसकी दीवारें कितनी ऊंची हैं, फ्लैट का साइज क्या है। सभी निर्माण नक्शे के अनुरूप ही हैं या फिर इसमें भी कुछ बदलाव किया गया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट में ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट भी शासन को प्रस्तुत करेगी।
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