कई साल के दस्तावेज खंगाले
एसआईटी ने कई साल के दस्तावेज का अवलोकन किया है। बताया जा रहा है कि विशेष रूप से 2005 से लेकर 2012 तक के दस्तावेजों को खंगाला गया। ट्विन टावर के संशोधित प्लान से संबंधित फाइलों को भी जांचा गया। इन फाइलों में जो-जो अनियमितता मिली है उससे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचीबद्ध किया गया है। बताया जाता है कि इस सूची में दस से ज्यादा नाम शामिल हैं।
ट्विन टावर का ड्रोन से सर्वे कराने की तैयारी
ट्विन टावर का ड्रोन से सर्वे कराया जा सकता है। सूत्रों की माने तो सुप्रीम कोर्ट से हुई किरकिरी के बाद अब अधिकारी इस प्रकरण में कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है। इसलिए इसके प्रत्येक पहलु पर ध्यान दिया जा रहा है। एसआईटी के निरीक्षण करने के बाद ट्विन टावर का सर्वे कराने पर चर्चा हुई। ऐसा भी माना जा रहा है इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार सुबह सर्वे किया जा सकता है। इसमें देखा जाएगा कि नक्शे में जो बातें हैं वह वास्तव में इमारत बनाए जाने के दौरान प्रत्यक्ष रूप से लागू की गई हैं या नहीं। मसलन इसकी दीवारें कितनी ऊंची हैं, फ्लैट का साइज क्या है। सभी निर्माण नक्शे के अनुरूप ही हैं या फिर इसमें भी कुछ बदलाव किया गया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट में ड्रोन सर्वे की रिपोर्ट भी शासन को प्रस्तुत करेगी।