फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुपरटेक घोटाला : आरोपी अधिकारियों की संपत्ति की होगी जांच, पूछताछ की तैयारी

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा (सुशील पांडेय)। सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट के 40 मंजिला ट्विन टावर मामले की एसआईटी जांच में आरोपी अधिकारियों की संपत्ति की भी जांच हो सकती है। विजिलेंस की टीम इन्हें आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर सकती है। इसका मकसद आरोपों की पुख्ता तरीके से पड़ताल करना होगा, ताकि नियम तोड़ने और आर्थिक लाभ पहुंचाने के मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
विज्ञापन

इस दौरान जहां-जहां नियमों को तोड़े गए और जिनके भी हस्ताक्षर फाइलों में हैं, उन अधिकारियों से बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किए काम पर सवाल पूछे जाएंगे। यह भी पता लगाया जाएगा कि मुख्य तौर पर कौन दोषी है। ऐसे में पूछताछ के दौरान कई और खुलासे हो सकते हैं। पूछताछ में विजिलेंस की टीम का मुख्य लक्ष्य यह पता करना होगा कि इस मामले में की गई गड़बड़ी में कितने पैसे इधर से उधर हुए हैं यानी बिल्डर को लाभ पहुंचाने के दौरान कहां-कहां किसने कितनी कमाई की। कमाई की जांच दूसरी अन्य एजेंसियों को भी दी जा सकती है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की ओर से एमराल्ड कोर्ट मामले में बिल्डर और अधिकारियों की मिलीभगत की बात कहने के बाद प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। टीम ने नोएडा में तीन दिन तक जांच की थी। इसके अलावा ट्विन टावर का ड्रोन सर्वे भी कराया था। प्राधिकरण की टीम भी लखनऊ में एसआईटी की रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में मदद कर रही थी। अब जाकर एसआईटी ने रिपोर्ट शासन को सौंपी है।
विज्ञापन

सेवानिवृत्त अधिकारियों से कैसे निपटेगी विजिलेंस की टीम
अधिकांश आरोपी अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में इन अधिकारियों से विजिलेंस की टीम किस तरह से निपटेगी यानी जांच के दौरान किन नियमों का पालन करना पड़ेगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। जिन अधिकारियों के नामों का खुलासा हुआ है, उनमें आईएएस अधिकारी भी शामिल हैं।
और भी आ सकते हैं जांच के घेरे में
एसआईटी जांच के दौरान नक्शा कमेटी की खूब चर्चा रही। किसी भी इमारत के नक्शे को यह कमेटी पास करती थी। अगर एमराल्ड कोर्ट मामले में इस कमेटी की ओर से गड़बड़ी की बात सामने आई तो संभव है कि दूसरे अन्य प्रोजेक्टों में भी घोटाला सामने आ सकता है। ऐसे में जांच का दायरा और भी आगे बढ़ेगा और कई अन्य अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
प्राधिकरण ने कराई एफआईआर, विभागीय जांच के आदेश
मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण ने भी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। इसके अलावा विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें