-एमबीए को चार साल चलाने की मांगी है मंजूरी
-अगले माह तक स्वीकृति मिलने की है उम्मीद
-जून-जुलाई से शुरु होंगे पाठ्यक्रम में दाखिले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं सतत शिक्षा विभाग (डीडीसीई) ने स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के अंतर्गत चलने वाले कोर्सेज के दाखिले की तैयारी शुरू कर दी है। एसओएल ने पहली बार शुरू किए जा रहे बीए ऑनर्स साइकोलॉजी को चलाने के लिए दूरस्थ शिक्षा बोर्ड से पांच साल व एमबीए कोर्स के लिए चार साल की मंजूरी मांगी है। प्रशासन को मई तक यह मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही जून-जुलाई से दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
डीडीसीई ने बीते साल पहली बार एमबीए कोर्स को शुरू किया था। इस कोर्स के लिए ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ तकनीकी शिक्षा (एआईसीटीई) ने पांच साल की मंजूरी दी थी। लेकिन किन्हीं तकनीकी कारणों से दूरस्थ शिक्षा बोर्ड ने एक साल चलाने की ही स्वीकृति दी। कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि चूंकि एमबीए के लिए हमें बीते साल एक साल की स्वीकृति मिली थी। ऐसे में हमने इस कोर्स के लिए चार साल की अनुमति मांगी है। जबकि इस साल पहली बार शुरु किए जा रहे बीए ऑनर्स साइकोलॉजी के लिए एक साथ पांच साल की मंजूरी मांगी है। इस तरह से हमें हर साल दाखिले शुरू करने से पहले मंजूरी नहीं लेनी पड़ेगी। ऑनर्स कोर्स के लिए एआईसीटीई की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।
दूरस्थ शिक्षा बोर्ड को भेजा आवेदन
प्रो. मागो ने कहा कि इस मंजूरी के लिए हमने दूरस्थ शिक्षा बोर्ड को आवेदन किया है। यदि आवेदन में उन्हें कोई आपत्ति होगी तो उसे दूर करने का समय 15 अप्रैल तक का है। हम उम्मीद करके चल रहे हैं कि हमें मई तक मंजूरी मिल जाएगी। मंजूरी मिलते ही जुलाई सेशन से इनके दाखिले लेने शुरू कर देंगे। हम मई के अंत या जून में दाखिला प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए दाखिला फॉर्म व प्रोस्पेक्टस पर व अन्य पहलुओं पर काम करना शुरू कर दिया है। मालूम हो कि एसओएल में दाखिले सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट) के माध्यम से नहीं होते हैं।