तीन एसटीपी और तीन सीईटीपी भी बनेंगे
न्यू नोएडा में सीवर के पानी की निकासी के लिए तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए जाएंगे। यह न्यू नोएडा के घरों से निकलने वाले सीवर के पानी की निकासी के दौरान जल शोधन में मदद करेंगे। इसके अलावा तीन सीवरेज एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) भी बनेंगे। इन प्लांटों के माध्यम से औद्योगिक सेक्टरों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों का शोधन होगा ताकि सीवर में औद्योगिक कचरा नहीं जाए।
इसके माध्यम से भी गंदे जल का शोधन होगा। इन एसटीपी और सीईटीपी को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि यह पूरा न्यू नोएडा कवर कर सके। इसमें 30 एमएलडी क्षमता के दो और 40 एमएलडी क्षमता का एक एसटीपी होगा। इसी तरह से 50 एमएलडी क्षमता के तीन सीईटीपी होंगे।
भूमिगत जल के शोधन पर लगेगी लगाम
योजना के मुताबिक, न्यू नोएडा में भूमिगत जल के शोधन पर रोक रहेगी। पानी के मुख्य स्रोत के तौर पर अपर गंगा कैनाल और इसके ब्रांच को चिह्नित किया जाएगा, जहां से पानी लिया जाएगा। यहां से पानी लेने के बाद इसे भूमिगत जलाशयों में जमा किया जाएगा। इन जलाशयों से जरूरत के हिसाब से पूरे साल पानी की आपूर्ति होगी।
जलापूर्ति प्रबंधन
अपर गंगा कैनाल से एक-एक घरों तक पानी की आपूर्ति के लिए बेहतर जलापूर्ति प्रबंधन प्रस्तावित है। यह अलग-अलग फेज में अलग-अलग तरीके से विकसित किया जाएगा। इसमें पानी लेने, जल शोधन संयंत्र, साफ पानी के जलाशयों और आपूर्ति केंद्र के अलावा पूरा नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जो न्यू नोएडा में पानी की जरूरत को पूरा करेगा।
संयंत्रों से मिलेगा 310 एमएलडी साफ पानी
न्यू नोएडा के अलग-अलग हिस्सों में छह जल शोधन संयंत्र लगाया जाना प्रस्तावित है। इसमें 70 एमएलडी क्षमता के तीन, और 20, 30 और 50 एमएलडी क्षमता के तीन जल शोधन संयंत्र लगाए जाएंगे। इससे न्यू नोएडा को कुल 310 एमएलडी साफ पानी यानी गंगाजल की आपूर्ति हो सकेगी। इन संयंत्रों को इस तरह से स्थापित किया जाएगा कि यह पूरे न्यू नोएडा को कवर करेंगे और अपने आसपास के क्षेत्रों में पूरी शक्ति के साथ जलापूर्ति कर सकेंगे।