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बदइंतजामी और जाम से जूझते भाइयों के घर तक पहुंचीं बहनें

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सेक्टर-37 में बसों के इंतजार में लगी यात्रियों की भीड़।
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ग्रेटर नोएडा/नोएडा। रक्षाबंधन पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी, दनकौर, रबूपुरा और जेवर में यूपी रोडवेज की व्यवस्था फेल नजर आई। बहनों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। बस के आने पर अंदर घुसने व सीट के लिए मारामारी मची रही। इस दौरान कोविड नियम भी टूट गए। किसी तरह देरी से घर पहुंचकर बहनों ने भाइयों को राखी बांधी। वहीं, रोडवेज का कहना है कि विभिन्न रूटों पर जाम लगने से बस समय पर नहीं लौट सकीं जिससे व्यवस्था बिगड़ गई। नोएडा के मोरना डिपो से शाम 5 बजे तक करीब 25 हजार यात्रियों ने सफर किया। इनमें से पांच हजार महिला यात्री थीं। रोडवेज की ओर से 176 बसों का संचालन किया गया था। इसके अलावा सेक्टर-37, महामाया फ्लाईओवर और विभिन्न स्थानों से संचालित होने वाली डग्गामार बसों में भी जबरदस्त भीड़ नजर आई।
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परी चौक पर सुबह पांच बजे से ही यात्रियों की भीड़ लगना शुरू हो गई थी। दोपहर दो बजे तक काफी भीड़ रही। यहां काफी देर से बस आ रही थीं। यात्रियों को एक से दो घंटे का इंतजार करने के बाद बस मिली। धूप के कारण लोगों का बुरा हाल हो गया। ग्रेटर नोएडा में अन्य जगहों पर भी लोगों को बसें नहीं मिली। दादरी और ग्रेटर नोएडा के बीच भी सेवा पूरी तरह से बंद रही। इससे लोगों में काफी रोष नजर आया। परी चौक पर खड़े यात्रियों का कहना है कि सरकार ने महिलाओं को निशुल्क सफर की सुविधा दी, लेकिन बसों की उचित व्यवस्था करना भूल गई। इस संबंध में रोडवेज अफसरों का कहना है कि बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़, बबराला रूट पर यात्रियों की अधिक भीड़ रही। इन शहर में काफी जाम मिला। जिस कारण बस समय पर वापस नहीं आ सकीं। बुलंदशहर से ग्रेनो डिपो का सफर एक घंटे का होता है, लेकिन बस को वापस आने में चार घंटे से अधिक समय लगा। इस कारण व्यवस्था बिगड़ गई।
ऑटो में सवार होकर बाइपास तक पहुंचे यात्री
रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन भी रोडवेज की बसें दादरी नगर के अंदर नहीं पहुंचीं। सभी बसें बाइपास से होकर निकलीं। इससे बहनों के साथ अन्य लोग भी काफी परेशान रहे। नगर के बस अड्डों पर घंटों इंतजार करना पड़ा। परेशान होकर लोग ऑटो से नगर बाइपास पर पहुंचे। वहां से रोडवेज की बसों में सवार होकर निकलें। यात्री सुमित कुमार का कहना था कि सुबह सात से दस बजे तक बस का इंतजार किया, लेकिन बस नहीं मिली। अब गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लगेगा। यात्री मधु ने बताया कि तीन बच्चों के साथ बदायूं जाने के लिए बस का इंतजार किया, लेकिन बस नहीं मिली।
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डग्गामार वाहनों में करना पड़ा सफर
क्षेत्र के लोग भी सार्वजनिक यातायात की व्यवस्था अच्छी नहीं होने से परेशान रहे। यहां के लोगों को डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ा। रबूपुरा की सड़कों और बस अड्डे पर सुबह ही भीड़ जमा हो गई थी। रोडवेज बस नहीं मिलने के बाद लोगों को डग्गामार वाहनों में जाना पड़ा। स्थानीय निवासियों ने परिवहन मंत्री को पत्र भेजकर ग्रेटर नोएडा, जिला मुख्यालय और तहसील जेवर के बीच बस सेवा शुरू करने की मांग की है। सयुक्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील तायल, चंद्र जैन, सुधीर गोयल, गांव रौनीजा शिब्बू मुखिया, फलैदा निवासी ओमवीर सिंह आदि ने बताया कि रबूपुरा से जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय पर सरकारी कार्यों व मुकदमों और त्योहारों पर आना जाना लगा रहता है। यहां रोडवेज की बस सेवा शुरू होनी चाहिए।
दो दिन में 43 हजार से अधिक यात्रियों ने किया सफर
शनिवार और रविवार तक 43 हजार से ज्यादा यात्रियों ने रोडवेज की बसों में सफर किया। इससे रोडवेज की आमदनी का कई साल का रिकॉर्ड टूट गया। शनिवार को रोडवेज में करीब 18 हजार यात्रियों ने सफर किया था। इससे राजस्व के रूप में 22 लाख रुपये की आमदनी रोडवेज को हुई। जबकि रक्षाबंधन के दिन रविवार शाम तक करीब 25 हजार यात्रियों को रोडवेज ने गंतव्य तक पहुंचाया। यात्रियों की इस संख्या में पांच हजार महिलाएं थीं। जिन्होंने रोडवेज का फ्री सफर किया था। मोरना बस अड्डे पर सुबह के समय तो भीड़ थी, लेकिन बाद में यात्री कम होते चले गए।
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