नोएडा (मनोज कुमार)। प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर आउट कराकर अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे को बैठाने के मामले में सॉल्वर गिरोह के 10 आरोपियों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने अब गिरोह के सरगना की पहचान कर ली है। पश्चिम बंगाल निवासी शैलेंद्र उर्फ सिकंदर को गिरफ्तार करने के लिए नोएडा पुलिस ने वहां की पुलिस से संपर्क साधा है। जल्द ही पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल रवाना की जाएगी। उधर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी लाखन सिंह के खाते में आए 40 रुपये फ्रीज करा दिया है।
आरोपियों के मोबाइल में मिली चैट से गिरोह के सरगना का नाम पता चला है। जांच में यह बात सामने आई है कि सरगना शैलेंद्र उर्फ सिकंदर किसी को अपने बारे में पूरी जानकारी नहीं देता था। वह कहां रहता है और मूल रूप से कहां का निवासी है इसकी जानकारी हमेशा गुप्त रखता था। हालांकि लेकिन जिस नंबर से वह गिरोह के अन्य बदमाशाें को मैसेज करता था और जिस जगह पैसे ट्रांसफर कराए गए थे उसकी लोकेशन पश्चिम बंगाल में मिली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए नोएडा के पुलिस अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क साधा है। जल्द ही पुलिस की टीम वहां भेजी जाएगी।
अहम है कि 1 नवंबर को सेक्टर-58 पुलिस ने सेक्टर-61 से सॉल्वर गिरोह के 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से 9.15 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। जांच में पता चला कि आरोपी लाखन सिंह के खाते से 40 लाख रुपये थे। पुलिस ने बैंक को पत्र लिखकर खाता फ्रीज करा दिया है।
कोट
शैलेंद्र उर्फ सिकंदर सॉल्वर गिरोह का सरगना है। गिरोह ने पांच राज्यों में जाल बिछा रखा था। सरगना सभी काम ऑनलाइन करता था। पेपर आउट कराकर ऑनलाइन पैसे मंगाता था। जिसके बाद ऑनलाइन ही पेपर भेजा जाता था।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा जोन।