ग्रेटर नोएडा। रोजगार की तलाश में दूरदराज से आने वाले कामगारों के लिए ग्रेनो प्राधिकरण ने सेक्टर ईकोटेक-3 में आश्रय स्थल (लेबर हॉस्टल) और रैन बसेरे बनाने की कवायद शुरू कर दी है। करीब 3500 वर्ग मीटर क्षेत्र में 3.10 करोड़ की लागत से आश्रय स्थल और रैन बसेरे का निर्माण किया जाएगा। प्राधिकरण ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। प्राधिकरण का प्रयास है कि सर्दियों से पहले रैन बसेरे तैयार कर लिए जाएं। श्रमिक आश्रय स्थल और रैन बसेरे में कुल 180 कामगार रह सकेंगे।
ग्रेनो में रोजगार की तलाश में प्रदेश के दूसरे जिलों और प्रदेशों से कामगार आते हैं। कामगारों के सामने रोजगार के साथ ही सिर छिपाने के लिए जगह तलाशने की चुनौती होती है। कई बार ऐसे गरीब-मजदूरों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ जाती है। शासन की मंशा पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सेक्टर ईकोटेक थ्री में श्रमिक (मजदूर) आश्रय स्थल और उसी के पास रैन बसेरा बनाने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर प्रोजेक्ट विभाग ने इसका टेंडर जारी कर दिया है। प्राधिकरण के महाप्रबंधक प्रोजेक्ट एके अरोड़ा ने बताया कि 18 अक्तूबर से 01 नवंबर तक टेंडर अपलोड किया जा सकता है। 03 नवंबर को प्री क्वालीफिकेशन बिड खुलेगी। उसके बाद फाइनेंशियल बिड के जरिये कंपनी का चयन कर लिया जाएगा।
सस्ते किराये के साथ खाने का भी होगा प्रबंध
श्रमिक आश्रय स्थल में बाहर से आकर नौकरी करने वाले लोगों के लिए बहुत ही कम शुल्क पर रहने के लिए बेड मिल जाएगा। श्रमिक आश्रय स्थल दो हिस्सों में होगा। एक हिस्से में पुरुष हॉस्टल और दूसरे में महिला हॉस्टल होगा। पुरुष हॉस्टल में 48 और महिला हॉस्टल में 36 महिलाएं रह सकेंगी। इसमें डाइनिंग एरिया, किचन, केयर टेकर ऑफिस, रिकॉर्ड रूम, कॉमन रूम और प्ले एरिया होगा। किचन में ढाबा खुलेगा, जहां पर आश्रय स्थल में रहने वाले लोग खाना भी खा सकेंगे। इसके कुछ हिस्से में ग्रीन एरिया भी होगा। इसके अलावा सिक्योरिटी ऑफिस, चेक पोस्ट और बरामदा भी रहेगा।
96 बेड का होगा रैन बसेरा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण हर साल सर्दी के मौसम में रैन बसेरा बनवाता है। अब प्राधिकरण ने स्थायी रैन बसेरा बनाने का निर्णय लिया है। इस रैन बसेरा में महिलाओं और पुरुषों के लिए 48-48 बेड होंगे। उनके लिए अलग-अलग शौचालय बने होंगे। पीने का पानी, स्टोर रूम आदि बनाए जाएंगे। ये एक मंजिला इमारत होगी।