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डेल्टा और ओमिक्रॉन से निपटने के लिए बनेंगे अलग-अलग वार्ड

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नोएडा। जिले में कोविड के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से निपटने की कवायद जारी है। कोविड के दो प्रमुख वैरिएंट डेल्टा एवं ओमिक्रॉन के मरीजों को लेकर अलग-अलग तैयारियां की जा रही हैं। इनके लिए अलग- अलग वार्ड बनाए जाएंगे, ताकि दोनों वैरिएंट के मरीजों का आपस में संपर्क न हो, क्योंकि दो तरह के वैरिएंट मिलने से रोग की गंभीरता बढ़ सकती है। वैरिएंट के आधार पर जिले में इलाज की व्यवस्थाएं की जाएंगी। वहीं जिले में तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल भी होगी।
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मॉक ड्रिल से सुविधाएं परखेगा विभाग
सेक्टर-39 स्थित कोविड अस्पताल में ओमिक्रॉन एवं डेल्टा वैरिएंट से प्रभावित कोरोना संक्रमितों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। यहां 70 नए बेड दोनों वैरिएंट को देखते हुए आरक्षित किए गए हैं। साथ ही जिले के कोविड अस्पतालों में बनाए गए पीकू वार्ड में मॉक ड्रिल करके वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं को भी विभाग द्वारा परखा जाएगा। इसके लिए नोएडा कोविड अस्पताल में 17 और 18 दिसंबर को मॉक ड्रिल होगी।
जारी है सैकड़ों यात्रियों की खोज
जिला स्वास्थ्य विभाग को शासन स्तर से अब तक 2990 यात्रियों की सूची मिल चुकी है। सूची में शामिल नामों के 50 प्रतिशत से अधिक लोगों से विभाग संपर्क करके उनकी निगरानी कर रहा है, लेकिन सैकड़ों लोग अभी भी विभाग की पहुंच से दूर हैं। इसका कारण देर से मिली जानकारी, अधूरी सूचना और यात्रियों द्वारा दिए गए गलत नंबर व पते आदि हैं। एक सप्ताह निगरानी के दौरान कोविड का कोई लक्षण सामने आने पर विभाग ऐसे लोगों के सैंपल लेकर कोविड जांच के लिए भेजता है।
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अब तक सभी नमूने निगेटिव
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील दोहरे ने बताया कि विभाग द्वारा भेजे गए नमूनों में से 90 से अधिक की निगेटिव रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। वहीं कुछ रिपोर्ट का इंतजार है। यदि कोई यात्रा से लौटा व्यक्ति पॉजिटिव मिलता है तो उसका नमूना जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा। फिलहाल जिले में ओमिक्रॉन का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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