नई दिल्ली। सीबीआई ने हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को कहा कि वह तिहाड़ जेल में कैदी अंकित गुर्जर की मौत मामले में जेल अधिकारियों द्वारा जबरन वसूली के पहलू की जांच भी कर रही है। अंकित गुर्जर (29) चार अगस्त 21 को तिहाड़ जेल में अपनी कोठरी में मृत पाया गया था।
न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की पीठ को सीबीआई ने बताया कि केस की जांच एक महत्वपूर्ण चरण में है और एक महीने में पूरी होने की संभावना है। न्यायमूर्ति गुप्ता ने ही केस की जांच दिल्ली पुलिस से सीबीआई को हस्तांतरित की थी।
अदालत ने एजेंसी को सीलबंद लिफाफे में स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए जांच अधिकारी से कहा कि किसी भी गवाह को मिलने वाली धमकी के मामले में उपाय करें।
अदालत मृतक के परिवार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसकी मौत जेल अधिकारियों द्वारा पैसे की मांग को पूरा नहीं करने के कारण प्रताड़ित करने से हुई है। सीबीआई के वकील ने कहा कि 60 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। वकील ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अदालत की अनुमति मांगी गई है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील महमूद प्राचा ने कहा कि ऐसे चश्मदीद गवाह हैं, जिन्हें जेल में प्रताड़ना से पर्याप्त सुरक्षा की जरूरत थी। प्राचा ने दलील दी कि घटना के समय सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर बंद कर दिया गया था।