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UP Election 2022: अखिलेश यादव लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, सीट अभी तय नहीं

Wed, 19 Jan 2022 09:36 AM IST
शाहरुख खान एएनआई, नोएडा

सार

समाजवादी पार्टी प्रमुख और आजमगढ़ (यूपी) से सांसद अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 लड़ेंगे। हालांकि किस सीट से मैदान में उतरेंगे अभी इसका फैसला नहीं हुआ है। 
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अखिलेश यादव - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान होते ही सियासी सरगर्मी तेजी पकड़े हुए हैं। पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को होगा। इसको लेकर लगभग सभी दलों ने अपने पहले चरण के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। 
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कुछ सीटों पर अभी माथापच्ची का दौर चल रहा है। वहीं, बुधवार को एक बड़ी खबर सामने आई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, समाजवादी पार्टी प्रमुख और आजमगढ़ (यूपी) से सांसद अखिलेश यादव चुनाव मैदान में होंगे। अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। 

अखिलेश अगर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे तो वह किस सीट से उम्मीदवार होंगे यह अभी इसका फैसला नहीं हुआ है। 
 

यूपी मंत्री मोहसिन रज़ा ने अखिलेश के चुनाव लड़ने के मामले में कहा कि वो(अखिलेश यादव) मन से चुनाव तो नहीं लड़ने जा रहें बल्कि वो भरे मन से चुनाव लड़ने जा रहे हैं, क्योंकि भाजपा ने सीएम योगी और उपमुख्यमंत्री केशव को चुनाव लड़ाने की बात की तो इसे लेकर उनके पार्टी के सदस्य ने जरूर सवाल किया होगा कि आप क्यों नहीं चुनाव लड़ेंगे?। मुझे नहीं लगता कि वो चुनाव लड़ना पसंद करते हैं क्योंकि मैदान में जाने वाले लोग हमेशा मैदान में दिखते हैं।
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सत्ता में आने पर राजनीतिक मुकदमे वापस होंगे : अखिलेश
इससे पहले, मंगलवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर अब्दुल्ला आजम सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं पर मुकदमे दर्ज कराएं हैं। नाहिद हसन पर दर्ज मुकदमे भी इसी श्रेणी के हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार आई तो राजनीतिक मुकदमों की समीक्षा होगी और मनमाने तरीके से कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। वे मंगलवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सपा के कई लोगों व वरिष्ठ नेताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। रामपुर के एक डीएम ने आउट ऑफ  टर्न प्रमोशन के लिए मनमाने तरीके से लगातार मुकदमे दर्ज करवाए। कृष्णा पटेल सपा के साथ आ गई तो उनके साथ भी अन्याय होने लगा है। उनके ट्रस्ट की जांच शुरू हो गई। सपा की मान्यता खत्म करने की दायर याचिका के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर मुकदमे थे, उन्हें भाजपा ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री क्यों बनाया। अगर गंभीर मुकदमों की बात हो तो भाजपा कभी चुनाव नहीं लड़ पाएगी।
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उन्होंने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भाजपा के लोग अन्नदाता को आतंकवादी कहते हैं तो किसानों द्वारा पैदा किया गया अनाज क्यों खाते हैं? किसानों के धान की लूट हो रही है। अभी गन्ने का बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। कमाई आधी हो गई है और महंगाई दोगुनी बढ़ गई है। कहा, उनके साथ कई दलों का गठबंधन है। यही वजह है कि भाजपा डर गई है। यही नहीं स्वामी प्रसाद मौर्या के साथ आने से उसकी बौखलाहट भी बढ़ गई है। 

दूर होंगी बीपीएड डिग्रीधारियों व शिक्षामित्रों की समस्याएं
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारी उपक्रमों को बेच रही है। नोटबंदी से प्रदेश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है और बैंक बंद हो रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सपा शासनकाल में हुए विभिन्न कार्यों को दोहराते हुए कहा कि सपा सरकार बनी तो बीपीएड डिग्रीधारियों, टीईटी, शिक्षामित्र समेत तमाम उन संगठनों की समस्याओं का समाधान होगा, जिन्होंने ज्ञापन दिया है। 

अखिलेश से मिले अब्दुल्ला
अखिलेश से मंगलवार सुबह अब्दुल्ला आजम ने मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधे घंटे बात हुई। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में कुछ सीटों को लेकर चर्चा हुई है। इसके बाद स्वामी प्रसाद मौर्य भी पहुंचे। फिर सपा अध्यक्ष, अब्दुल्ला और स्वामी प्रसाद के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंचे। इस दौरान स्वामी प्रसाद के साथ आए कई लोगों ने सपा की सदस्यता ली।
 
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