सोसाइटी के बाहर प्रदर्शन करतीं महिलाएं। अमर उजाला
नोएडा। एनएसईजेड पुलिस चौकी पर मंगलवार को एक महिला के आत्मदाह करने के प्रयास मामले में कोतवाली फेज टू पुलिस की भूमिका की जांच चल रही है। वहीं, अब घरों में काम करने वाले दंपती को तीन दिन तक अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप भी फेज टू पुलिस पर लगा है। पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर 300 से अधिक घरेलू सहायिकाओं ने बुधवार शाम को तीन घंटे तक सेक्टर-93 स्थित सिल्वर सिटी सोसाइटी को घेरकर हंगामा किया। रात करीब पौने आठ बजे जब पुलिस उग्र महिलाओं के सामने दंपती को लाई तो मामला शांत हुआ।
हंगामा कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि टावर सात में रूमा एक फ्लैट में काम करती थी। 16 फरवरी को उसने काम छोड़ दिया, लेकिन फ्लैट मालकिन ने चोरी का आरोप लगा दिया। इसके बाद कोतवाली फेज टू पुलिस ने रूमा व पति जयंतो को पकड़ लिया। पुलिस ने तीन दिन से दोनों को अवैध तरीके से हिरासत रखा हुआ है, जबकि चोरी का कोई माल दंपती से बरामद नहीं हुआ। इससे नाराज होकर 300 से अधिक घरेलू सहायिकाएं बुधवार शाम करीब पौने पांच बजे सोसाइटी केे बाहर जमा हो गईं और सोसाइटी का रास्ता बंद कर जमकर नारेबाजी करने लगीं। करीब तीन घंटे तक हंगामा करने के बाद पुलिस दंपती को लेकर वहां पहुंची तो महिलाएं लौट गईं। एडीसीपी इलामारन जी का कहना है कि सोसाइटी में एक फ्लैट में चोरी के मामले में महिला को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
पुलिस पर मारपीट का आरोप
महिलाओं ने आरोप लगाया कि हम गरीब हैं, इसलिए पुलिस परेशान कर रही है। अगर रूमा ने चोरी की थी तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए था। दंपती को किस आधार पर तीन दिन से पुलिस अवैध हिरासत में रखी हुई थी। जब रूमा के बारे में महिलाएं थाने व चौकी में पूछने जाती थीं तो बदसलूकी की जाती थी।