पुन्हाना/पिनगवां। कस्बा पिनगवां स्थित आईटीआई में पिछले पांच साल से बिजली का कनेक्शन ही नहीं मिला है। परिसर में रखीं करोड़ों रुपये की मशीनें बिना बिजली के धूल फांक रही हैं। बिजली न होने से तीन साल से विद्यार्थी सिर्फ थ्योरी ही पढ़ रहे हैं, आज तक प्रैक्टिकल करने की नौबत ही नहीं आ सकी है।
सरकार ने करोड़ों रुपये की लागत से पिनगवां कस्बे में आईटीआई भवन का निर्माण कराया था, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद विभाग आईटीआई में बिजली का कनेक्शन तक नहीं लगवा सकी है। आईटीआई में बिजली की सुविधा न होने से शिक्षा ग्रहण करने आने वाले बच्चे बिना प्रैक्टिकल के ही पढ़ाई करते है। जिन उपकरणों से बच्चे सीखना चाहते हैं, वे उपकरण धूल फांक रहे है। बिना बिजली के पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है। आईटीआई के विद्यार्थियों और अध्यापकों को पानी खरीद के पीना पढ़ता है। या फिर वे अपने घरों से पानी लेकर आते हैं। दिन में जैसे-तैसे बिना बल्ब के पढ़ाई तो हो जाती है, लेकिन गर्मी में बिना पंखे के विद्यार्थियों को पढ़ने में काफी असुविधाएं होती हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि बिजली की सुविधा न होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्रों को तीन साल बिना कुछ सीखे ही निकल गए हैं।
आईटीआई संस्थान ने बिजली कनेक्शन राशि जमा कर दी है। 11000 किलोवाट की लाइन भी आईटीआई तक लग चुकी है। बिजली निगम ने बिजली का ट्रांसफार्मर भी आईटीआई में लगा रखा है। जब बिजली कनेक्शन का नंबर आया तो विभाग के एसडीओ ने एतराज लगाकर फाइल को रद्द कर दिया।
- विद्यानंद, अनुदेशक, आईटीआई
आवेदन करते वक्त कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण फाइल को करीब छह महीना पहले रद्द कर दिया गया था। अब दोबारा से आवेदन करना पड़ेगा, उसके बाद ही बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा।
- नीरज कुमार, एसडीओ