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सूचना का अधिकार

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नूंह। सरकारी कार्यों में पारदर्शिता को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए सरकार ने सूचना का अधिकारी कानून बनाया हुआ है। लेकिन, नूंह के चालान ब्रांच के कर्मचारी इस आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। बदरपुर निवासी आमिर खान पुत्र शहीद अहमद ने बताया कि उन्होंने चालान ब्रांच में 22 मार्च 2020 से 21 सितंबर 2020 तक जिले में लॉकडाउन के दौरान चालान भुगतान की डिस्पैच नंबर सहित जानकारी मांगी गई थी। उनको विभाग द्वारा अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई। पीड़ित ने पिछले एक साल से केंद्रीय सूचना आयोग दिल्ली, राज्य सूचना आयोग हरियाणा, साउथ रेंज के आईजी से सूचना उपलब्ध कराने के आर्डर के बाद भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उनके इतने संघर्ष करने के बावजूद अधिकारी की सूचना नहीं देने से साफ जाहिर होता कि चालान ब्रांच के कर्मचारियों ने यहां पर बाहरी दलालों के माध्यम से करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। आमिर ने स्थानीय पुलिस पर उनके भाई नाहिद को भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि तीन बार पुलिस बिना वजह इस मामले को रफा दफा कराने के चक्कर में उनके भाई को सिटी थाने में लेकर जाकर मारपीट की है। इसकी शिकायत भी उन्होंने सीएम विंडो, पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर चुके हैं। अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री व गृहमंत्री से मामले में उचित कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है। जिससे उन्हें एक उम्मीद जगी है।
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वहीं इस बारे में नूंह जिला हेड क्वार्टर डीएसपी सुधीर तनेजा ने कहा कि इस बारे में जानकारी ली जाएगी। मामले में उचित कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।
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