नूंह। फास्ट ट्रैक अदालत ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म मामले में एक आरोपी को 20 वर्ष की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने आरोपी पर डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को अतिरिक्त छह महीने की और सजा काटनी पड़ेगी।
जानकारी के अनुसार तावडू कस्बा के एक वार्ड में बीते 25 जून 2019 को दसवी में पढ़ने वाली एक नाबालिग के घर से अचानक गुम होने का मामला सामने आया। जिसमें पीड़िता की मां ने पुलिस को शिकायत देकर उनके घर में रहने वाले किराएदार अशोक पुत्र लक्ष्मी नारायण निवासी अजीतपुर थाना व जिला भिवानी पर इसका आरोप लगाया। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पति की मौत के बाद गरीबी के कारण एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है। वह घर से सुबह जाकर शाम को आती है। आरोपी उनके घर पर किराए पर रहता था। पीड़िता की मां के घर से बाहर जाने पर आरोपी ने उसकी दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी का अपहरण कर लिया। वह उन्हें बार-बार फोन कर रहे थे लेकिन आरोपी का फोन बंद जा रहा था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दो जुलाई 2019 को कार्रवाई करते हुए पीड़िता को आरोपी के चंगुल से बरामद कर लिया। इसके बाद पीड़िता के बयान कराने के बाद मेडिकल कराया गया, जिसमें दुष्कर्म होना पाया गया। आरोपी अशोक को तीन जुलाई 2019 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। यह मामला नूंह की एसके शर्म की फास्ट ट्रैक अदालत में चलने के बाद बीते बुधवार को अदालत ने इस मामले में आरोपी पर आरोप तय कर भौंडसी जेल भेज दिया था। इसके बाद शुक्रवार को अदालत ने अपने फैसले को सुनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कड़े कारावास व डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया। जिससे लंबे समय बाद पीड़िता के परिजनों ने राहत की सांस ली। आखिर उन्हें थोड़ा समय जरूर लगा लेकिन आरोपी को अदालत ने उसको सही जगह पर पहुंचा दिया।