पुन्हाना। पुन्हाना से कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद इलयास के पौत्र एवं जावेद खान एडवोकेट के 19 वर्षीय बेटे के निधन पर शनिवार को सांत्वना देने राज्यसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा, विधायक आफताब अहमद, विधायक मम्मन खां और कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन नदीम जावेद के साथ पिनगवां पहुंचें। इस मौके पर उन्होंने परिवार के साथ कुछ समय बिताया। बाद में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत कर राज्य और केंद्र सरकार पर जमकर प्रहार किया।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा 29 नवंबर से संसद सत्र शुरू हो रहा है। उनकी मांग है कि आंदोलन के दौरान जिन 700 से अधिक किसानों की जान गई देश की सरकार उनके परिवारों से माफी मांगे, आर्थिक मदद करे और सदन किसानों को श्रद्धांजलि देकर सत्र की शुरुआत करे। वे स्वयं भी संसद के शीतकालीन सत्र में किसानों की सभी लंबित मांगों को पूरा करने का मुद्दा पहले की तरह पुरजोर तरीके से उठाएंगे। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा किसानों की मांग केवल तीन कृषि कानून वापस नहीं है बल्कि एमएसपी पर कानूनी गारंटी, किसानों पर देशभर में दर्ज करीब 30 हजार मुकदमों को वापस लेने सहित सभी मांगों को माना जाए। उन्होंने कहा जिस एमएसपी के कानून की लड़ाई किसान लड़ रहे हैं उसकी मांग सर्वप्रथम 23 नवंबर, 1948 को संविधान सभा में चौ. रणबीर सिंह ने उठाई थी। किसान के हक में दिए गए उनके एतिहासिक प्रस्ताव के बाद एमएसपी प्रणाली का जन्म हुआ।
इस मौके पर विधायक आफताब अहमद, पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान, विधायक मम्मन खां, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व राष्ट्रीय चेयरमैन नदीम जावेद, चेयरमैन खुरषीद रनियाला, जावेद ऐडवोकेट, मुबीन तेडिया, नूरूल हसन, मकसूद शिकरावा, साकिर लाहाबास, जान मोहम्मद सरपंच, राजू तनेजा सहित काफी प्रमुख लोग मौजूद रहे।