नूंह। जिले के सैकड़ों ग्रामीण सफाई कर्मचारियों, हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा, मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा, आशा वर्कर्स यूनियन ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों को पूरा कराने के लिए प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गांधी पार्क में किया गया। इसमें किसानों की मांगों को भी उठाया। इस दौरान उन्होंने नूंह के नायब तहसीलदार अख्तर हुसैन को एक ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन से पहले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की स्थानीय गांधी पार्क में एक बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता सीटू के प्रधान अनिल कुमार ने की। इस मौके पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अनिल कुमार ने कहा कि वर्ष 2013 में शहरी और ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 8100 रुपये मिलते थे। भाजपा सरकार ने भेदभाव करते हुए शहरी सफाई कर्मियों को न्यूनतम 15000 रुपये दिए जा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को 12500 रुपये देकर शोषण किया जा रहा है। जिसको किसी सूरत में बर्दाश्त नही किया जा सकता।
यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकारी आदेश के बावजूद कई महीने गुजर चुके हैं उसके बाद भी आज तक ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को ईपीएफ के दायरे में कवर नहीं किया गया। जिसको लेकर कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा की अगर समय रहते सरकार ने सभी विभागों के कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्दी भत्ते को 8 हजार रुपये वार्षिक किया जाए। शहरी सफाई कर्मियों की तर्ज पर साबुन और सरसों तेल दिया जाए। सभी कर्मचारियों को रेगुलर किया जाए तथा जब तक रेगुलर ना हो तब तक 18000 वेतन दिया जाए। सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को ईएसआई के दायरे में कवर करने के लिए पत्र जारी किया जाए। सभी काम के औजारों के लिए साल में कम से कम 6000 भत्ता भुगतान किया जाए।
फोटो ऱ् गांधी पार्क में धरना पर बैठे कर्मचारी।