ऑर्म्स एक्ट के मामले में था बंद, एक फरवरी को जेल नंबर-3 में मिला था अचेत
परिजनों ने लगाया जहर देने का आरोप, डीडीयू अस्पताल में परिजनों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद गुरदीप सिंह उर्फ गोरा उर्फ सन्नी (33) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। एक फरवरी को गुरदीप जेल नंबर-3 में अचेत मिला था। उसे जेल की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां से डीडीयू अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगलवार को इलाज के दौरान गुरदीप की मौत हो गई। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और जहर देकर मारने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। वहीं, आरोप से इंकार करते हुए पुलिस का कहना है कि गुरदीप को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें चल रही थीं जिससे उसकी मौत हो गई। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। इसके बाद सही वजहों का पता चलेगा। गुरदीप पर ऑर्म्स एक्ट समेत कुल 11 मामले दर्ज थे।
गुरदीप परिवार के साथ तिलक नगर के शाहपुर में रहता था। परिवार में मां के अलावा सात बहने हैं। जेल प्रशासन ने बताया कि अक्तूबर से वह जेल नंबर-3 में बंद था। एक फरवरी को तड़के गुरदीप अचेत मिला। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे डीडीयू अस्पताल ने उसकी मौत की हरिनगर थाना पुलिस को खबर दी। इसके बाद बाकी एजेंसियों को भी सूचना दी गई। शव को कब्जे में लेकर डीडीयू अस्पताल की मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया गया। पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि गुरदीप को स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं चल रही थीं। अब पोस्टमार्टम के बाद ही उसकी मौत की सही वजहों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस ने परिवार को जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस जेल में उसके साथियों से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।