नोएडा। प्राधिकरण एलिवेटेड रोड पर भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि इसकी मजबूती पर सवाल उठने के बाद प्राधिकरण इस तरह की कवायद कर रहा है। हालांकि, इस बारे में कोई अधिकारी कुछ स्पष्ट नहीं बता रहा है। वहीं, पुलिस ने सर्वे रिपोर्ट में बताया है कि अगर एलिवेटेड रोड के नीचे से भारी वाहनों का संचालन होगा तो हादसे व जाम की आशंका बढ़ जाएगी। इससे लोगों की राहत के लिए बनाए गए एलिवेटेड रोड का फायदा नहीं होगा।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की तरफ से वर्ष 2014 में एमपी वन मार्ग पर छह लेन के एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। वर्ष 2017 में इसका उद्घाटन किया गया। इस रोड के कारण नोएडा से दिल्ली व गाजियाबाद से लेकर ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी आसान हो गई है। अब इस एलिवेटेड रोड पर प्राधिकरण भारी वाहनों के संचालन पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके पीछे एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य में खामी व कमजोर होने की बात कही जा रही है।
वहीं, इस पर सर्वे रिपोर्ट के लिए कमिश्नरेट के एक एसीपी व दो ट्रैफिक इंस्पेक्टर की अगुवाई में एक टीम बनाई गई थी। पुलिस ने सर्वे रिपोर्ट में बताया है कि एलिवेटेड रोड पर भारी वाहनों की एंट्री नहीं होने की स्थिति में ऐसे वाहन नीचे से होकर गुजरेंगे। इससे एलिवेटेड रोड के नीचे सड़क पर जाम लगेगा। सेक्टर-18 से सेक्टर-60 के बीच एलिवेटेड रोड के नीचे दोनों तरफ कई स्कूल व जिला अस्पताल है। साथ ही, निठारी गांव व गिझौड़ के पास ब्लैक स्पॉट हैं। इस कारण अगर भारी वाहन एलिवेटेड रोड से न जाकर नीचे से जाएंगे तो जाम व सड़क हादसे की आशंका बढ़ जाएगी, जो परेशानी का सबब बन सकता है। इस मामले में डीसीपी ट्रैफिक गणेश प्रसाद साहा का कहना है कि एलिवेटेड रोड पर भारी वाहनों की एंट्री बंद करने की बात सामने आई है। इसेे लेकर सभी एजेंसियों से बातचीत की जा रही है।
अब सड़क पर मिलेगी अस्पताल, स्कूल, रेस्तरां की जानकारी
नोएडा। अगर आप किसी चौराहे के सिग्नल पर खड़े हैं तो आपको आगे के पैदल पार पथ पर आसपास के स्कूल, रेस्तरां, अस्पताल आदि की जानकारी मिलेगी। इसे चित्रों के माध्यम से उकेरा जाएगा। इससे यह पता चलेगा कि उक्त संसाधन आसपास ही हैं। प्राधिकरण की ओर से पैदल पार पथ को और आकर्षक बनाया जा रहा है। इससे पता चलेगा कि आसपास क्या है। अगर आप किसी क्रॉसिंग पर आप रुके हुए हैं और खाने के छूरी-कांटे पैदल पार पथ पर बने मिलते हैं तो समझ आ जाएगा कि आसपास कोई रेस्तरां है। सेक्टर-29 के ब्रह्मपुत्र मार्केट के पास इसे बनाया गया है।
इसी तरह से डीपीएस स्कूल के पास के चौराहे पर स्थित पैदल पार पथ पर बस्ता लादे बच्चों के चित्र हैं। इसके अलावा गोल्फ कोर्स के पास गोल्फ खेलते हुए खिलाड़ी की तस्वीर बनी है। ट्रैफिक सेल केे अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के 10 चौराहों पर तस्वीर पहले चरण में बनाई गई हैं। दूसरे चरण में शहर के कई अन्य चौराहों पर ऐसी तस्वीरें बनाई जाएंगी। फिलहाल, योजना की अनुमानित लागत 40 लाख रुपये है। इन क्रॉसिंग का डिजाइन आर्किटेक्ट नीलिमा राना ने तैयार किया है।