नूंह। रमजान माह के पहले जुमे पर रोजेदारों में खासा उत्साह देखा गया। कोरोना काल के दो साल बाद लोग जुमे की नमाज अदा करने के लिए लोग नूंह बाजार में आना शुरू हो गए। दोपहर को सभी रोजेदारों ने नमाज अदा कर शांति की दुआ मांगी। रोजेदारों ने बताया कि रमजान के पाक माह में हम जिस तरह से पावन होकर रोजा रखते है। हमेशा इस तरह के भाव के अनुसार हमें रहना चाहिए।
आज भागदौड़ भरी जिंदगी से हम सभी को कुछ समय अपने समाज को देना चाहिए। शांति के मार्ग व चलकर ही दुनिया में सब कुछ हासिल किया जा सकता है। अशांति से कार्य करने वाले हमेशा अपने मिशन में फेल हो जाते है। इसलिए रमजान के पाक माह से हमें यह सीख लेकर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। वहीं सुबह से ही बाजार में लोगों के आने से कई बार बाजार में जाम की स्थिति भी बन गई थी। रोजेदारों में रमजान माह की उनकी जरूरत की चीजों को खरीदा जिसमें मुख्य रूप से फलों और इत्र को खरीदारी की गई। नूंह शहर के रोजेदार अख्तर चंदेनी, एडवोकेट ताहिर हुसैन रूपाड़िया, मुश्ताक चंदेनी, जाकिर हुसैन हरियाणा पुलिस, आबिद हुसैन पूर्व हेडमास्टर व फारूख सरपंच कैराका ने बताया कि रमजान माह में अधिकतर चीजों के दाम बढ़ गए है। जिससे उनकी जेब पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
बाजार में उमड़ी नमाजियों की भीड़
8 अप्रैल को रमजान का पहला जुमा पड़ा। इस दौरान जिला मुख्यालय स्थित बड़ी मस्जिद में हजारों लोग नमाज अदा करने के लिए पहुंचे। दोपहर बाद जब नमाज खत्म हुई तो बाजार में लोग की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान नूंह जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार में लोगों की भारी भीड़ देखी गई। लोग खाने की रेहड़ियों के साथ-साथ साज-सज्जा के सामान खरीदते दिखाई दिए।
वाहनों के पहिये थमे
नमाज होने के बाद बाजार में करीब आधे घंटे के लिए वाहनों का पहिये पूरी तरह थम गए। गांवों से नूंह की ईदगाह में नमाज अता करने पहुंचे ग्रामीण जब बाजार से गुजरे तो जाम के हालात पैदा हो गए। इस दौरान वाहन पूरी तरह थम गए। बाजार में हर जगह सफेद लिबास में लोग दिखाई दिए। हालांकि लोगों की भीड़ के कारण लगे जाम से वाहन चालक जरूर परेशान दिखे। नमाजियों के जाने के बाद बाजार में यातायात दोबारा सुचारू हो गया।