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Noida News: जगह के खेल में उलझा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, अनिश्चित काल के लिए बंद

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जगह के खेल में उलझा प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, अनिश्चित काल के लिए बंद
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- 300 से ज्यादा मरीज परेशान, 80 से 90 प्रतिशत महंगे दामों पर बाहर से खरीदनी पड़ रहीं दवाइयां
- जिला अस्पताल के शिफ्ट होने के बाद केंद्र के अनिश्चित काल के लिए बंद होने का लगा बोर्ड

नेहा शर्मा
नोएडा। सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में बना प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जगह के खेल में उलझ गया है। जिला अस्पताल के भवन में इसे जगह नहीं मिलने की वजह से अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। इस वजह से रोजाना 300 से ज्यादा मरीजों को 80 से 90 प्रतिशत महंगे दाम में निजी मेडिकल से ब्रांडेड कंपनियों की दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। हालांकि जिला अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि जगह उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन औषधि केंद्र को लाइसेंस नहीं मिला है।
सेक्टर-30 में जिला अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र चल रहा था। अगर कोई दवाई जिला अस्पताल या चाइल्ड पीजीआई में उपलब्ध नहीं होती थी तो मरीजों को वह औषधि केंद्र पर सस्ते में मिल जाती थी। निजी अस्पताल से भी बड़ी संख्या में मरीज दवाइयां लेने आते थे। लेकिन जब से जिला अस्पताल नए भवन में शिफ्ट हुआ है, तब से औषधि केंद्र बंद हो गया है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में लोग दवाइयां लेने पहुंचे। इन सब को बिना दवाइयां के ही वापस लौटना पड़ा। औषधि केंद्र बंद होने पर कई मरीजों की अस्पताल में तैनात गार्ड से लड़ाई तक हो गई।
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ये है लोगों का कहना



बच्चे का इलाज चाइल्ड पीजीआई में चल रहा है। डॉक्टर ने बाहर से दवाई लिखी है। यहां लेने आए तो औषधि केंद्र पर बंद का बोर्ड लगा हुआ है। अब निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां लेनी पड़ेंगी।

अखिलेश

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हम लोग जन औषधि केंद्र से ही दवाइयां लेकर जाते हैं। लेकिन अब यहां आने पर पता चला कि केंद्र बंद हो गया है। अन्य जन औषधि केंद्र में कुछ ही दवाइयां मिलती हैं। इससे परेशानी होगी।

अविनाश

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ब्रांडेड दवाइयों की तरह ही असरदार जैनरिक दवाइयां उन दवाओं को कहा जाता है, जिनका कोई ब्रांड नाम नहीं होता है। वह अपने सॉल्ट नाम से मार्केट में बेची जाती है। यह दवाई काफी सस्ती होती है।

अनूप खन्ना, अध्यक्ष, कैमिस्ट एसोसिएशन
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जिम्मेदार बोले

जिला अस्पताल के शिफ्ट होने की वजह से अभी औषधि केंद्र बंद चल रहा है। दूसरी बिल्डिंग में औषधि केंद्र शिफ्ट होने के बाद फिर से मेडिकल स्टोर शुरू हो जाएगा। फिर लोगों को सहूलियत होगी।
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वैभव बब्बर, ड्रग इंस्पेक्टर



जन औषधि केंद्र को लेकर कार्य जल रहा है। नए अस्पताल में जगह मिलने पर केंद्र को शिफ्ट कर दिया जाएगा। इस पर तेजी से काम चल रहा है। जल्दी ही वहां लोगों को दवाएं मिलने लगेंगी।

डॉ गौतम कपूर, प्रबंधक ,प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना उत्तर प्रदेश



अस्पताल की ओर से जगह उपलब्ध करा दी गई है। औषधि प्रबंधक लाइसेंस लेकर आएंगे तो केंद्र शुरू कर सकते हैं। बिना लाइसेंस से शुरू नहीं हो सकता है।

डॉ. राजेंद्र कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल
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