ग्रीन बेल्ट में प्राधिकरण के कब्जे हटा दिए। अमर उजाला
नोएडा के सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट परिसर के पास 7 हजार वर्गमीटर ग्रीन बेल्ट से प्राधिकरण की टीम ने कब्जा हटा दिया। हालांकि, टीम का स्थानीय निवासियों ने विरोध भी किया। उनका कहना था कि बिना सूचना दिए प्राधिकरण ने सभी संसाधनों को जेसीबी से तोड़ दिया।
स्थानीय निवासियों ने किया विरोध
प्राधिकरण के अनुसार, एमरॉल्ड कोर्ट परिसर के पास एटीएस सोसायटी से सटी हुई ग्रीन बेल्ट से कब्जे हटाए गए हैं। यहां क्रिकेट की नेट प्रैक्टिस के अलावा सीमेंट की पिच सहित अन्य खेलों के लिए निर्माण किए गए थे। बेंच आदि भी लगी थीं। पूरी ग्रीन बेल्ट का उपयोग एमरॉल्ड कोर्ट के निवासी कर रहे थे। प्राधिकरण की टीम के वहां पहुंचने पर निवासियों ने विरोध भी किया। काफी देर तक कहासुनी के बाद भी टीम ने कब्जा हटाकर करीब 70 प्रतिशत जमीन को चिह्नित कर लिया। तार से इसकी घेराबंदी करने के लिए सामान भी पहुंचा दिया गया है। इसका काम आज-कल में शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए छोटे-छोटे पिलर लगाए जाएंगे। इस पर तीन स्तर के गेट भी लगेंगे, ताकि कोई इसे तोड़कर अंदर न घुस पाए।
इधर, स्थानीय निवासियों का कहना है कि जमीन का उपयोग वह वर्षों से करते आ रहे हैं। वहां टहलने और व्यायाम के अलावा खेल आदि का आनंद लेते थे, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि यह जमीन बिल्डर की नहीं, बल्कि प्राधिकरण की है। इस पर कब्जा लिया गया है।
पार्किंग में बनी दीवार को प्राधिकरण ने किया ध्वस्त
सुपरटेक बिल्डर ने एमरॉल्ड कोर्ट के लिए बनी पार्किंग के बीच करीब 100 मीटर लंबी दीवार खड़ी कर दी थी। एमराल्ड कोर्ट आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष राजेश राणा का कहना है कि बिल्डर ने एमराल्ड कोर्ट की पार्किंग के बीच में दीवार खड़ी कर ट्विन टावर के लिए पार्किंग आरक्षित कर दी थी। यह अवैध तरीके से किया गया था। इस मामले में सीईओ रितु माहेश्वरी ने संज्ञान लेते हुए दीवार गिराने का आदेश जारी किया था। दीवार तोड़ने में एक-दो दिन और लगेंगे। उक्त पार्किंग में पहले से करीब 700 से 800 वाहन खड़े होते हैं। जगह खाली होने के बाद करीब 200 गाड़ियां और खड़ी हो सकेंगी।