ग्रेटर नोएडा के गांव सादोपुर की छात्रा स्वाति के अपहरण की झूठी कहानी का पटाक्षेप करने के बाद गोंडा से छात्रा और प्रेमी अनिमेष तिवारी को पुलिस शनिवार को ग्रेनो लेकर पहुंची। पुलिस ने छात्रा के अदालत में बयान दर्ज कराए। पुलिस का कहना है कि छात्रा ने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा और अनिमेष के साथ गोंडा भेजने की मांग की। इस पर छात्रा को पुलिस सुरक्षा में गोंडा के लिए रवाना कर दिया गया है।
सड़क जाम करने वाले 168 लोगों पर केस दर्ज
वहीं, बादलपुर पुलिस ने अपहरण की झूठी साजिश रचने, नाबालिग बच्चों को शामिल करने, जाम लगाकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने व भड़काऊ बयान आदि देने के मामले में 18 नामजदों समेत 168 लोगों पर केस दर्ज किया है। नामजदों में पुलिस ने छात्रा के दादा पूर्व प्रधान अजयपाल सिंह, पिता गुलाब सिंह, नागेंद्र प्रधान, राजीव, सुनील, विक्रम, रोहताश, सुंदर, मदन, पप्पू, रोहित, रवि मोटा, रकम, अत्री, वीरेंद्र, मौजीराम, अमित और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 149, 353, 388, 289, 270, 504, 506, महामारी एक्ट 3/7 के अंतर्गत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जाम लगाने, पुलिस कार्य में बाधा डालने, भड़काने वाले अज्ञात आरोपियों की सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया की फुटेज आदि के आधार पर पहचान कर कार्रवाई व गिरफ्तार की जाएगी।
एफआईआर में एएसआई का नहीं है नाम
डीसीपी हरीश चंदर का कहना है कि छात्रा के चाचा दिल्ली पुलिस के एएसआई का एफआईआर में नाम नहीं है। जांच में पता चला है कि जाम लगाने के दौरान वह मौजूद नहीं था। हालांकि, कोतवाली में हंगामे के दौरान वह था। परिजनों का कहना है कि एएसआई गुरुवार को दिल्ली में ड्यूटी पर था और भतीजी के अपहरण व जाम लगाने की सूचना के बाद ग्रेनो के लिए रवाना हुआ था। वह जाम खुलने के बाद पहुंचा था।
मां और चाची अदालत परिसर में पहुंचीं, छात्रा ने नजर फेरी
सूत्रों का कहना है कि छात्रा के अदालत में पहुंचने की सूचना पर मां रेखा और चाची आजाद वती भी परिसर में पहुंची थीं। मां ने छात्रा से बात करने का प्रयास किया। मां ने गुस्सा भी जाहिर किया। छात्रा ने नजर फेरी तो मां ने कहा, ‘हम सोच लेंगे कि तू हमारे लिए मर गई।’ इस पर छात्रा ने पुलिस को मां से भी खतरा होने का आरोप लगाया।