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अस्पताल में पानी के लिए भटक रहे मरीज और तीमारदार

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सुखा पड़ा वाटर कूलर - फोटो : Mewat
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पुन्हाना। सुबह से ही सूर्यदेव अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर देते हैं। उमस भरी गर्मी और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है। सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। चालक साफी और तौलिये के सहारे स्वयं को लू के थपेड़ों से बचाते नजर आते हैं। वहीं, लोग गर्मी से बचने के लिए जूस और शिकंजी आदि शीतल पेय पदार्थों सहारा ले रहे हैं। गर्मी बढ़ने से उल्टी, दस्त, हैजा और वायरल के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। वहीं, मांडीखेड़ा स्थित अल आफिया जनरल अस्पताल में मरीजों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है। अस्पताल के वाटर कूलर बंद पड़े हैं। मजबूरन रोगियों और तीमारदारों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। इतना ही नही जन स्वास्थ्य विभाग भी अस्पताल में पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। अल आफिया अस्पताल में जहां प्रतिदिन सात बड़े पानी के टैंकरों की जरूरत पड़ती है। इसके बावजूद जन स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन पानी के दो से तीन टैंकर ही अस्पताल में पहुंचा रहा है, जिससे समस्या और बढ़ गई है। ऐसे में पानी की बोतल बेचने वालों की चांदी कट रही है, जो 20 से 25 रुपये तक में पानी की एक बोतल बेच रहे हैं।
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पुन्हाना खंड के गांव गुबराड़ी के अस्पताल पहुंचे आसिफ अली ने बताया कि वह सोमवार शाम पत्नी को डिलीवरी के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा था। अब तक वह 200 रुपये का पानी खरीद चुका है। (संवाद)
जन स्वास्थ्य विभाग से 7 टैंकर भेजने की मांग
अस्पताल के एसएमओ डॉ. अरविंद का कहना है कि मरीजों की संख्या को देखते हुए प्रतिदिन करीब एक लाख लीटर पानी की अस्पताल में जरूरत है। इसके एवज में जन स्वास्थ्य विभाग मात्र 40 से 50 हजार लीटर ही पानी उपलब्ध करा रहा है, जिससे पानी की भारी किल्लत है। प्रतिदिन पानी के करीब 7 टैंकर भेजने के बारे में जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। वहीं, मरीजों से साथ अस्पताल पहुंचे मोहम्मद शमीम, मूर्ति और आसिफ का कहना है कि अस्पताल में पीने का पानी नहीं है। वाटर कूलर बंद पड़े हैं। उनको मजबूरन खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।
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