मांडी खेड़ा में इलाज के लिए पहुंचे मरीज
- फोटो : Mewat
पुन्हाना। सूरज निकलते ही जैसे-जैसे तापमान बढ़ने लगता है, वैसे-वैसे ही लोगों को परेशानी होने लगती है। पिछले एक महीने से लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहे तापमान के कारण जिले में उल्टी, दस्त, बुखार, शरीर तथा आंखों में एलर्जी के रोगी बढ़ने लगे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुछ दिन पहले तक मांडीखेड़ा स्थित अल आफिया नागरिक अस्पताल की ओपीडी में करीब 300 से 400 मरीज आते थे, अब लगभग 700 से 800 रोगी आते हैं। निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भरमार है। सुबह 10 बजे के बाद घर से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। डॉक्टरों ने गर्मी के मौसम में जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलने की सलाह दी है।
पिछले करीब एक महीने से गर्मी अपने चरम पर है। इस कारण इलाके में उल्टी, दस्त, बुखार तथा एलर्जी की समस्या बढ़ने लगी है। मौसमी बीमारियों के मामले बढ़ने से सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीजों को मुश्किल से बेड मिल रहे हैं। जिले के गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों की चांदी कट रही है। वे लोगों से अनाप-शनाप पैसे ले रहे हैं। दोपहर के समय मेवात के अधिकतर बाजार और सड़कें सुनसान दिखने लगती हैं। इसके अलावा लोग गर्मी से बचने के लिए शीतल पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।
अल आफिया नागरिक अस्पताल के सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उल्टी, दस्त और बुखार के मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। उन्होंने बताया कि इस समय अस्पताल के सभी बिस्तरों पर मरीज भर्ती हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जब तक ज्यादा जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। सुबह 10 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद ही घरों से निकलें। उन्होंने कहा जब भी घर से बाहर निकले तो मुंह और पूरे शरीर को ढांककर ही निकले। गर्मी के मौसम में पानी का ज्यादा इस्तेमाल करें। और खाने में खरबूजा, तरबूज, आदि का इस्तेमाल करें।