चार माह में 12 लाख पासबुक खपा गए जिले के लोग
- लगातार बढ़ रहा आंकड़ा, वजह ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ने से पासबुक छोटे ट्रांजेक्शन बन रहे कारण
माई सिटी रिपोर्टर
नोए़डा। जिले में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का ग्राफ बढ़कर प्रतिदिन 250 करोड़ तक पहुंच गया है। इसका सीधा-सीधा असर पासबुक की खपत पर पड़ा है। ट्रांजेक्शंस बढ़ने से इसमें खासा तेजी देखने को मिल रही है। इस वर्ष के शुरुआती चार माह की बात करें तो अब तक जिले में 12 लाख पासबुक की खपत हो चुकी है जो कि सबसे अधिक है। अधिकारियों का मानना है कि इसमें ऑनलाइन होने वाले छोटे ट्रांजेक्सन का सीधा सीधा रोल है। बैंक शाखाओं की ओर से खाताधारकों को ई पासबुक और ऑनलाइन स्टेटमेंट का प्रयोग करने के लिए कहा जा रहा है। वहीं, वाहट्सएप बैंकिंग जैसी सुविधाओं से भी अवगत कराया जा रहा है। जहां एक मैसेज से ही खाताधारकों के व्हाट्सएप पर मनमर्जी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री प्राप्त हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार यह स्थिति तब है जब बैंक से केवल तीन माह तक की एंट्री पासबुक पर की जाती है।
इसके अलावा बैंकों में भी अलग से स्टेटमेंट निकलवाने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी को ज्यादा अवधि की स्टेटमेंट चाहिए तो उसके लिए भी अलग से व्यवस्था की जाती है। अहम है कि जिले में संचालित 35 बैंकों की 600 शाखाएं हैं। इनमें करीब 15 लाख खाताधारक हैं। इनके द्वारा ऑफलाइन और ऑनलाइन सब मिलाकर कुल 330 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन प्रतिदिन जिले में हो रहा है। ऐसे में पासबुक की खपत में बढ़ोतरी होना स्वाभाविक है। पासबुक की खपत को लेकर विदुर भल्ला बताते हैं कि हाल ही में तेजी से इसका ट्रेंड बढ़ रहा है। बीते साल की तुलना में यह काफी अधिक रहा है। अब ग्राहकों को उनके मोबाइल पर ही पासबुक की सुविधा भी दी जा रही है। सभी बैंकिंग एप पर यह सुविधाएं मुहैया कराई जो रही हैं। हालांकि इससे बैंक को कोई परेशानी नहीं है लेकिन खाताधारकों के लिए ही परेशानी से बचने के लिए यह सुविधा शुरू की गई थी। ज्यादातर जगहों से पासबुक एंट्री मशीन खराब होने की शिकायतें मिलती रहती हैं। ऐसे में लोगों को अब किसी भी वक्त स्टेटमेंट एक क्लिक पर उनके मोबोइल पर उपलब्ध हो सकती है।
ऐसे करें व्हाट्सएप बैंकिंग का इस्तेमाल
अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से आपको संबधिंत बैंक की ओर से मुहैया कराए गए व्हाट्सएप नंबर पर हेलो मैसेज भेजना है इसके बाद आपकी सर्विस शुरू हो जाएगी। आप चेटिंग कर वहां अपनी सभी समस्या भी बता सकते हैं। यहां आप स्टेटमेंट भी प्राप्त कर सकते हैं। बता दें संबंधित व्हाट्एप नंबर आपको बैंक की वेबसाइट से मिल जाएगा।
लगातार बढ़ रही खपत
जिले में बीते वर्ष कुल 30 लाख पासबुक की खपत हुई थी। वहीं, बीते वर्ष शुरुआती चार माह में यह आंकड़ा आठ लाख था लेकिन इस बार शुरुआती चार माह में ही यह संख्या 12 लाख पहुंच गई है। ऐसे में लगातार इसकी संख्या बढ़ रही है। जिला लीड बैंक अधिकारियों के अनुसार जिस तेजी से इसकी संख्या बढ़ रही है यह इस वर्ष के अंत तक 40 लाख का आंकड़ा भी छू सकता है। लेकिन इस पर लगातार जागरूकता लोगों में फैलाई जा रही है।